1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बाजार
  4. FPIs ने अक्टूबर में अब तक ₹44,166 करोड़ के शेयर बेचे, इस साल ₹3.04 लाख करोड़ के पार पहुंची कुल निकासी

FPIs ने अक्टूबर में अब तक ₹44,166 करोड़ के शेयर बेचे, इस साल ₹3.04 लाख करोड़ के पार पहुंची कुल निकासी

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Oct 11, 2026 02:59 pm IST,  Updated : Oct 11, 2026 02:59 pm IST

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने सितंबर में भी भारतीय शेयर बाजार से ₹35,861 करोड़ निकाले थे।

FPI, foreign portfolio investors, indian share market, debt market, bond market- India TV Hindi
घरेलू शेयर बाजार से FPIs की बिकवाली लगातार जारी Image Source : PIXABAY

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की बिकवाली का सिलसिला लगातार जारी है। अक्टूबर में विदेशी निवेशक अब तक ₹44,166 करोड़ के शेयर बेचकर पैसे निकाल चुके हैं। इसके साथ ही साल 2026 में अबतक उनकी कुल निकासी ₹3.04 लाख करोड़ के पार पहुंच गई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ते यील्ड के कारण विदेशी निवेशकों का रुझान भारतीय बाजार से कमजोर हुआ है।

2026 में ₹3.04 लाख करोड़ के पार पहुंची कुल निकासी

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने सितंबर में भी भारतीय शेयर बाजार से ₹35,861 करोड़ निकाले थे। हालांकि, जुलाई में उन्होंने ₹20,200 करोड़ और अगस्त में ₹29,631 करोड़ का निवेश किया था। इस साल अबतक हुई बिकवाली पिछले पूरे साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। साल 2025 के दौरान विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से कुल ₹1.66 लाख करोड़ निकाले थे, जबकि साल 2026 में ये आंकड़ा बढ़कर ₹3.04 लाख करोड़ हो गया है।

खाड़ी क्षेत्र में सप्लाई से जुड़े जोखिमों के कारण ऊंची बनी हुई हैं कच्चे तेल की कीमतें

इंवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म ट्रैक के को-फाउंडर और सीईओ वेदांत गुप्ते के अनुसार, विदेशी निवेशकों की इस बिकवाली को भारत की निवेश संभावनाओं पर अविश्वास के रूप में देखने के बजाय वैश्विक स्तर पर पूंजी के पुनर्वितरण के तौर पर समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में सप्लाई से जुड़े जोखिमों के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इसके अलावा, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड पर ज्यादा यील्ड निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित कर रहा हैं। वहीं, उत्तर एशियाई बाजारों में एआई से जुड़ी तेजी भी विदेशी पूंजी को अपनी ओर खींच रही है।

इस साल 13.87 प्रतिशत गिर चुका है निफ्टी

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार ने कहा कि इस साल भारतीय बाजार के अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन की प्रमुख वजह विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली रही है। साल 2026 में अबतक निफ्टी में 13.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। उनके अनुसार, विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार से पूंजी निकालना मौजूदा परिस्थितियों में तर्कसंगत है, क्योंकि 10-साल के अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर यील्ड 5.2 प्रतिशत से ऊपर बताया गया है। ऐसे में निवेशकों को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों में आकर्षक रिटर्न मिल रहा है।

ये भी पढ़ें

सूरत से मधुबनी तक चलेंगी 2-2 अमृत भारत स्पेशल ट्रेनें, 8 स्लीपर और 11 जनरल डिब्बे होंगे- चेक करें पूरा रूट और टाइम टेबल

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Market से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा।