राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 820 रुपये बढ़कर 98,490 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाली कीमती धातु 750 रुपये बढ़कर 98,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गई। हालांकि, बुधवार को चांदी की कीमतें 1,07,100 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर स्थिर रहीं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, मजबूत वैश्विक रुझानों के मुताबिक, खुदरा विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की ताजा खरीदारी के चलते कीमतों में तेजी का रुख रहा।
Related Stories
वायदा बाजार में सोना आज
वायदा कारोबार में सोने का भाव बुधवार को 154 रुपये तेजी के साथ 97,056 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में अगस्त में आपूर्ति वाले सोने की कीमत 154 रुपये यानी 0.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 97,056 प्रति 10 ग्राम हो गई। इसमें 13,323 लॉट के लिए कारोबार हुआ। मजबूत हाजिर मांग के बीच सटोरियों के ताजा सौदों से कीमतों पर यह असर देखा गया। विश्लेषकों ने बताया कि प्रतिभागियों के ताजा सौदे करने से सोने के कीमतों में तेजी आई है।
वायदा बाजार में चांदी का रुख
वायदा कारोबार में चांदी की कीमत बुधवार को 341 रुपये की गिरावट के साथ 1,06,408 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। कारोबारियों के सौदों का आकार कम करने से ऐसा हुआ। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में चांदी के जुलाई महीने में सप्लाई वाले अनुबंध की कीमत 341 रुपये यानी 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,06,408 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इसमें 21,128 लॉट का कारोबार हुआ। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार में मौजूदा स्तर पर कारोबारियों की बिकवाली से मुख्यत: चांदी वायदा कीमतों में गिरावट आई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कैसा रहा भाव
पीटीआई की खबर के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना 12.09 डॉलर प्रति औंस या 0.36 प्रतिशत बढ़कर 3,334.69 डॉलर प्रति औंस हो गया। हालांकि, वैश्विक बाजारों में हाजिर चांदी 0.5 प्रतिशत गिरकर 36.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
क्या कहते हैं मार्केट के जानकार
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा कि यह अनिश्चितता संघीय अपील अदालत के उस फैसले के बाद आई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वैश्विक टैरिफ लगाना जारी रखने की अनुमति दी गई है। गांधी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इन चिंताओं ने अमेरिका और चीन के बीच सकारात्मक व्यापार वार्ता से उपजे कुछ आशावाद को फीका कर दिया। लंदन में अपनी दो दिवसीय चर्चा के दौरान, दोनों पक्ष व्यापार तनाव को कम करने की योजना पर सहमत हुए।
कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस-यूक्रेन युद्ध से उपजे भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ रही है। कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी-कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने कहा कि बाजार सहभागियों का ध्यान आगामी अमेरिकी व्यापार वार्ता पर रहेगा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े, जो दिन में बाद में जारी किए जाएंगे, मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण के बारे में अधिक जानकारी देंगे।