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अमेरिकी अभियोग का असर छू-मंतर, Adani Group की सभी 11 कंपनियों के शेयरों में आज भी भारी तेजी

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Nov 29, 2024 12:29 pm IST,  Updated : Nov 29, 2024 12:29 pm IST

अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ने अडानी समूह के संस्थापक चेयरमैन गौतम अडानी पर अमेरिका में अभियोग के बावजूद समूह में निवेश को लेकर उसका नजरिया न बदलने का आश्वासन दिया। श्रीलंका बंदरगाह प्राधिकरण और तंजानिया सरकार ने भी अडानी समूह को पूरा समर्थन देने की बात कही है।

अडानी ग्रुप शेयर- India TV Hindi
अडानी ग्रुप शेयर Image Source : FILE

अडानी ग्रुप की सभी 11 लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को तेजी देखी जा रही है। बीएसई पर अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में 14.64 प्रतिशत, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में 13.54 प्रतिशत, अडानी टोटल गैस में 7.33 प्रतिशत, अडानी पावर में 4.90 प्रतिशत और एनडीटीवी के शेयर में 4.54 प्रतिशत की तेजी आई। इसके अलावा, अंबुजा सीमेंट्स का शेयर 2.90 प्रतिशत, सांघी इंडस्ट्रीज का 2.44 प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स का 2.25 प्रतिशत, अडानी विल्मर का 2.24 प्रतिशत, अडानी एंटरप्राइजेज का 2.11 प्रतिशत और एसीसी का 1.34 प्रतिशत चढ़ा।

688 अंक चढ़ गया सेंसेक्स

इस बीच, बीएसई सेंसेक्स ने 688.31 अंक की बढ़त के साथ 79,732.05 अंक पर और एनएसई निफ्टी ने 192.65 अंक चढ़कर 24,106.80 अंक पर कारोबार किया। इससे पहले अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ने अडानी समूह के संस्थापक चेयरमैन गौतम अडानी पर अमेरिका में अभियोग के बावजूद समूह में निवेश को लेकर उसका नजरिया न बदलने का आश्वासन दिया। श्रीलंका बंदरगाह प्राधिकरण और तंजानिया सरकार ने भी अडानी समूह को पूरा समर्थन देने की बात कही है।

अडानी ग्रुप ने सभी आरोपों को किया खारिज

अडानी समूह का कहना है कि उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में अमेरिका के विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) के उल्लंघन का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। बल्कि उन पर प्रतिभूति धोखाधड़ी के तहत आरोप लगाया गया है जिसमें मौद्रिक दंड लगाया जा सकता है। एजीईएल पर आरोप है कि सौर ऊर्जा बिक्री ठेका हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 26.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रिश्वत दी गई, जिससे कंपनी को 20 वर्ष की अवधि में दो अरब अमेरिकी डॉलर का लाभ हो सकता था। कंपनी के अनुसार, एजीईएल के तीन अधिकारियों पर केवल प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश, वायर धोखाधड़ी की साजिश और प्रतिभूति धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। आम तौर पर ऐसे आरोपों के लिए दंड रिश्वतखोरी की तुलना में कम गंभीर होते हैं। अडानी समूह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए किया है और अपने बचाव के लिए हर संभव कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही है।

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