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Stock Market Crash: कच्चे तेल की कीमतें चढ़ते ही शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 900 अंक टूटा; निफ्टी 24000 के नीचे फिसला

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Apr 30, 2026 09:34 am IST,  Updated : Apr 30, 2026 09:35 am IST

शेयर बाजार में आज की शुरुआत निवेशकों के लिए झटका लेकर आई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय बाजार खुलते ही लाल निशान में चला गया। सेंसेक्स में भारी गिरावट देखने को मिली, जबकि निफ्टी भी 24,000 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।

शेयर बाजार में बड़ी...- India TV Hindi
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट Image Source : ANI/CANVA

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज की सुबह किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। वैश्विक बाजारों से मिल रहे मिले-जुले संकेतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल ने भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। गुरुवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार मच गया और देखते ही देखते निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए।

हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी 30 अप्रैल को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान के गहरे साये में खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 910.03 अंक यानी 1.47% की भारी गिरावट के साथ 76,586.33 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 282.80 अंक (1.17%) फिसलकर 23,894.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। हफ्तेभर बाद निफ्टी ने फिर से 24,000 का लेवल तोड़ दिया है, जिससे ट्रेडर्स के बीच घबराहट बढ़ गई है।

लाल निशान में डूबे शेयर

बाजार की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कारोबार की शुरुआत में ही गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से कहीं अधिक रही। आंकड़ों के अनुसार करीब 1,371 शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिर्फ 873 शेयर ही बढ़त बनाने में कामयाब रहे। वहीं, लगभग 137 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के दिग्गजों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई, जिसके कारण बाजार संभल नहीं पाया।

कच्चे तेल की आग ने बिगाड़ा खेल

बाजार में इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को माना जा रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बढ़ाए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से देश के व्यापार घाटे और महंगाई बढ़ने का डर सताने लगा है। इसी डर के कारण निवेशकों ने चौतरफा बिकवाली शुरू कर दी।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। छोटे निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचने की सलाह दी जा रही है। बाजार की इस गिरावट ने साफ कर दिया है कि वैश्विक राजनीति और कच्चे तेल का खेल भारतीय बाजार की दिशा तय करने में कितनी अहम भूमिका निभाता है।

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