भारतीय शेयर बाजार में पिछले सत्र की तेजी पर ब्रेक लग गया और बाजार लाल निशान में फिसलकर बंद हुआ। दिनभर के उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद आईटी (IT) और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर्स में आई तेज बिकवाली ने सूचकांकों पर भारी दबाव बनाया। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 329.91 अंक (0.44%) की गिरावट के साथ 74,529.08 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 भी 85.30 अंक (0.36%) फिसलकर 23,329 के स्तर पर बंद हुआ, जिससे यह 23,350 का महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल तोड़ नीचे आ गया।
सेंसेक्स और निफ्टी की सुस्ती का असर पूरे बाजार पर साफ दिखाई दिया। बाजार की चौड़ाई लगभग बराबरी पर रही, जहां बीएसई पर बढ़त दर्ज करने वाले 2,074 शेयरों के मुकाबले 2,090 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 187 शेयर बिना किसी बदलाव के स्थिर रहे। ब्रॉडर मार्केट में भी नरमी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक मामूली गिरावट दर्ज करते हुए लाल निशान में बंद हुए। वैश्विक अनिश्चितताओं और सेक्टोरल मुनाफावसूली के बीच निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क नजर आ रहा है।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा नुकसान आईटी शेयरों को हुआ। आईटी सेक्टर्स के दिग्गज शेयरों में बिकवाली के चलते निफ्टी IT इंडेक्स लगभग 0.92% की गिरावट के साथ 28,564.85 पर बंद हुआ। निफ्टी एफएमसीजी और पीएसयू बैंक पीएसयू बैंक इंडेक्स भी 0.59% टूटकर बंद हुए। इसके अलावा, निफ्टी बैंक (-0.34%), निफ्टी इंफ्रा (-0.31%), निफ्टी एनर्जी (-0.27%), निफ्टी फार्मा (-0.55%) और निफ्टी सर्विसेज (-0.22%) में भी बिकवाली दर्ज की गई। हालांकि, मीडिया सेक्टर 1% और रियल्टी इंडेक्स (Nifty Realty) 0.75% की बढ़त के साथ हरे निशान में टिकने में कामयाब रहे।
टॉप गेनर्स और लूजर्स स्टॉक्स
- गिरावट वाले शेयर: टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (-1.65%) और नेस्ले इंडिया (-1.52%) सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके अलावा बजाज फिनसर्व (-1.43%), ग्रासिम इंडस्ट्रीज (-1.19%), बजाज फाइनेंस (-1.22%), सन फार्मा (-1.20%), ट्रेंट (-1.16%), आयशर मोटर्स (-1.14%) और टीसीएस (-1.11%) में भारी गिरावट रही।
- बढ़त वाले शेयर: कोल इंडिया 3.21% की जोरदार उछाल के साथ ₹428.00 पर बंद होकर टॉप गेनर बना। इसके अलावा इटर्नल (+1.82%), इंडिगो (+1.80%), टाइटन (+1.10%), डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज (+1.06%) और विप्रो (+0.88%) में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।