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Stock Market: Sensex 949 प्वाइंट लुढ़का, Nifty में भी देखी गई गिरावट

Stock Market: कमजोर वैश्विक रूझानों और विदेशी निवेश की निकासी के बीच सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में करीब 949 अंक टूट गया।

India TV Business Desk Edited By: India TV Business Desk
Published on: September 26, 2022 11:09 IST
Stock Market: Sensex 931 प्वाइंट...- India TV Hindi
Photo:PTI Stock Market: Sensex 931 प्वाइंट लुढ़का

Stock Market: कमजोर वैश्विक रूझानों और विदेशी निवेश की निकासी के बीच सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में करीब 949 अंक टूट गया। इस दौरान सभी प्रमुख सूचकांकों में गिरावट हुई। लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 949.42 अंक गिरकर 57,149.50 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी 254.4 अंक टूटकर 17,072.95 अंक पर था। 

सेंसेक्स में पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक और टाइटन गिरने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। दूसरी ओर नेस्ले और हिंदुस्तान यूनिलीवर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अन्य एशियाई बाजारों में सोल, तोक्यो और शंघाई के बाजार लाल निशान में थे, जबकि हांगकांग में मामूली बढ़त थी। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को कमजोरी के साथ बंद हुए थे। 

शुक्रवार को भी सेंसेक्स में दिखी थी गिरावट

शुक्रवार को सेंसेक्स 1,020.80 अंक या 1.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,098.92 पर बंद हुआ था। निफ्टी 302.45 अंक या 1.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,327.35 पर बंद हुआ था। इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 85.64 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया। शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 2,899.68 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

मौजूदा अस्थिरता कुछ समय के लिए बनी रह सकती

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "अमेरिका के दस वर्षीय बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और मजबूत डॉलर सूचकांक ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को उभरते बाजारों में बिकवाली के लिए मजबूर किया।" उन्होंने कहा, "बैंकिंग प्रणाली में नकदी की कमी, कमजोर घरेलू मुद्रा और मौजूदा प्रीमियम मूल्यांकन ने छोटी अवधि के लिए बाजार परिदृश्य में मंदी की आशंका पैदा कर दी है।" नायर ने कहा, "कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक नीति में आक्रामक रूख अपनाने से वैश्विक आर्थिक वृद्धि मंदी की स्थिति में हैं, जबकि भारत वर्तमान में ऋण वृद्धि में तेजी और कर संग्रह में बढ़ोतरी के साथ बेहतर स्थिति में है। मौजूदा अस्थिरता कुछ समय के लिए बनी रह सकती है। निवेशक तब तक प्रतीक्षा करें, जब तक कि स्थिति कुछ स्पष्ट न हो जाए।" साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में 741.87 अंक या 1.26 प्रतिशत तथा निफ्टी में 203.50 अंक या 1.16 प्रतिशत की गिरावट आई है। एमके वेल्थ मैनेजमेंट के शोध प्रमुख जोसेफ थॉमस ने कहा कि घरेलू इक्विटी बाजारों में मुख्य रूप से विदेशी बाजारों और विशेष रूप से अमेरिका के घटनाक्रम के मद्देनजर कम कारोबार हुआ।

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