शेयर बाजार पिछले कई महीने से काफी वोलेटाइल (अस्थिर) है। इसके चलते निवेशकों को काफी नुकसान उठाना भी पड़ा है। ऐसे में अगर आप SIP शुरू करने की सोच रहे हैं तो क्या बेस्ट विकल्प हो सकता है। क्या वीकली, मंथली, 3 माही सिप करना बेहतर होगा या एकमुश्त (Lump-Sum) सही होगा। आप इस उलझ में हैं तो इक्विटी मार्केट एक्सपर्ट और पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड के चीफ बिजनेस ऑफिसर, अभिषेक तिवारी बता रहे हैं कि क्या करना बेहतर होगा?
क्या है सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान?
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी- SIP) एक सुविधा है, जिसके तहत आप हर महीने या हर 3 महीने पर खुद से चुनी गई डेट पर एक तय रकम म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं। एसआईपी (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) नियमित निवेश की आदत बनाने का बेहतरीन तरीका या माध्यम है। यह आपके बैंक खाते में पड़े पैसों का सही उपयोग करने का एक अच्छा तरीका है, जिसे निवेश न करने की स्थिति में आप खर्च कर सकते हैं। एसआईपी एक टूल है, जो हमें निवेश के प्रति अधिक अनुशासित और नियमित बनाता है।
एकमुश्त निवेश किसके लिए फायदेमंद
लेकिन अगर आपकी इनकम तय नहीं है (कभी ज्यादा, कभी कम), तो ऐसे में एकमुश्त निवेश का बेहतर तरीका हो सकता है। अगर आपको अचानक बोनस, उपहार या अन्य किसी सोर्स से बड़ी धनराशि मिलती है, तो आप उस राशि को म्यूचुअल फंड स्कीम में एकमुश्त निवेश कर सकते हैं, भले ही उस फंड में आपकी एसआईपी पहले से चल रही हो। स्थिर रिटर्न देने वाले एसेट क्लास (जैसे डेट फंड) के लिए, अगर आपके पास पैसा है, तो एकमुश्त निवेश भी अच्छा काम कर सकता है।
SIP के 5 फायदे
- एसआईपी ऑटोमैटिक होता है, इसलिए यह आपके बैंक खाते के पैसों का सही उपयोग करने का एक अच्छा तरीका है, जिसे आप खर्च कर सकते थे।
- जिन एसेट क्लास में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है (जैसे शेयर बाजार), उनमें एसआईपी के जरिए रेगुलर अंतराल पर थोड़ी थोड़ी रकम निवेश करना (SIP) बेहतर होता है।
- एसआईपी का इस्तेमाल किसी भी लक्ष्य के लिए किया जा सकता है, चाहे वह शॉर्ट टर्म के लिए हो या लॉन्ग टर्म के लिए।
- हर लक्ष्य के लिए अलग-अलग एसआईपी रखें, ताकि जब कोई लक्ष्य पूरा होने के करीब हो, तो आपको पता हो कि किस एसआईपी से पैसा निकालना है।
- अगर आप इक्विटी फंड में एसआईपी करते हैं और निवेश की अवधि 10 साल या उससे ज्यादा हो, तो निगेटिव रिटर्न मिलने की संभावना बहुत कम होती है।
SIP या एकमुश्त में कौन चुनें?
SIP या एकमुश्त निवेश में सिप बेहतर विकल्प है। यह आपको अनुशासित निवेशक बनाता है। साथ ही आपको निवेश पर बेहतर रिटर्न दिलाने में मदद करता है। वहीं, एकमुश्त रकम निवेश कर आप वह फायदा नहीं ले पाते हैं, जिसके आप हकदार होते हैं। आप एकमुश्त या एसआईपी में से कौन सा तरीका चुनते हैं, यह आपकी कमाई (कैश फ्लो) और मौजूदा हालात पर निर्भर करता है। जिन लोगों की हर महीने एक तय इनकम होती है, उनके लिए एसआईपी बेहतर विकल्प रहता है, क्योंकि यह उनकी मंथली इनकम और खर्च के हिसाब से चलता है। सिप के जरिये आप नियमित रूप से निवेश करते हैं, तो आप बाजार के उतार-चढ़ाव (तेजी और मंदी) दोनों स्थितियों में निवेश कर पाते हैं। वहीं, जिनकी आय फिक्स नहीं है, वे एकमुश्त निवेश का विकल्प चुन सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।