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Double Benefit: इनकम टैक्‍स प्‍लानिंग में भी बनाएं अपनी पत्‍नी को पार्टनर, डिडक्‍शन का मिलेगा दोहरा फायदा

 Published : Feb 09, 2016 08:24 am IST,  Updated : Feb 09, 2016 08:27 am IST

टैक्‍स प्‍लानिंग में मैरिड कपल्‍स को खर्चों के साथ टैक्‍स छूट के लिए इन्‍वेस्‍टमेंट करना मुश्किल पड़ता है लेकिन पत्‍नी को सहभागी बनाने से फायदा मिल सकता है।

Double Benefit: इनकम टैक्‍स प्‍लानिंग में भी बनाएं अपनी पत्‍नी को पार्टनर, डिडक्‍शन का मिलेगा दोहरा फायदा- India TV Hindi
Double Benefit: इनकम टैक्‍स प्‍लानिंग में भी बनाएं अपनी पत्‍नी को पार्टनर, डिडक्‍शन का मिलेगा दोहरा फायदा

नई दिल्‍ली। फाइनेंशियल ईयर एंडिंग जितनी तेजी से करीब आती जा रही है, बहुत से लोगों के लिए टैक्‍स प्‍लानिंग की टेंशन भी उतनी तेजी से बढ़ रही होगी। अक्‍सर लोगों का मानना है कि अगर आप शादीशुदा हैं तो आपको जरूरी खर्चों के साथ टैक्‍स छूट के लिए इन्‍वेस्‍टमेंट के बीच तालमेल बिठाना मुश्किल पड़ता है। लेकिन वास्‍तविकता यह है कि यदि आप शादीशुदा हैं तो आप ज्‍यादा टैक्‍स बचा सकते हैं। आपको सुनने में यह अजीब लगे लेकिन यह सच है। आयकर कानून में कई ऐसे प्रावधान हैं, जो कि सिंगल की बजाये मैरिड कपल्‍स को ज्‍यादा टैक्‍स बचाने का मौका देते हैं। इंडिया टीवी पैसा की टीम आज बताने जा रही है कि किस तरह आयकर कानून के तहत मैरिड कपल्‍स अपनी पत्‍नी को सहभागी बनाकर कैसे ज्‍यादा से ज्‍यादा टैक्‍स छूट का फायदा पा सकते हैं।

अगल-अलग फाइल करें इनकम टैक्‍स

आयकर कानून आप और आपकी पत्‍नी को अलग-अलग आइडेंटिटी मानता है। ऐसे में आप अपनी पत्‍नी के नाम पर अलग इनकम टैक्‍स की फाइल बना सकते हैं। जैसा की आपको पता है कि 2 लाख रुपए तक की आय पर आपको टैक्‍स नहीं देना होता। ऐसे में यदि आप सिंगल हैं तो आपको सिर्फ 2 लाख रुपए की छूट का ही फायदा मिलेगा। लेकिन यदि आप विवाहित हैं और अलग-अलग टैक्‍स फाइल करते हैं तो आपको दोनों की छूट मिलाकर दो लाख रुपए की अतिरिक्‍त छूट पाने का मौका मिल जाता है। ऐसे में एक परिवार मिलकर 4 लाख रुपए की छूट हासिल कर सकता है।

टैक्‍स छूट के फायदे भी अलग- अलग मिलेंगे

इनकम टैक्‍स कानून की धारा 80 सी के तहत आपको विभिन्‍न तरह की टैक्‍स छूट मिलती है। आयकर विभाग चूंकि आपकी पत्‍नी को अलग एसेसी मानता है, तो इस हालत में उसे भी उतनी ही छूट हासिल होगी, जो आपको मिलती है। इसके तहत आप पीपीएफ या जीवन बीमा की पॉलिसियों में निवेश कर अलग-अलग 1-1 लाख रुपए की छूट हासिल कर सकते हैं। आप अपनी पत्‍नी के नाम पर पीपीएफ खाता खुलवा और इंश्‍योरेंस पॉलिसी लेकर दोनों अलग-अलग डिडक्‍शन का लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा यदि पति पत्‍नी अलग- अलग मेडिकल इंश्‍योरेंस लेते हैं तो उन्‍हें भी अलग-अलग 80 डी के तहत लाभ मिल सकेगा।

जॉइंट होमलोन का भी मिलता है फायदा

आपकी पत्‍नी आपकी बैटर हाफ होती है। होम लोन के मामले में आपकी होममेकर आपको डबल बेनिफिट भी दे सकती है। यदि आप होम लोन के जरिये मकान खरीदते हैं तो उसे अपनी पत्‍नी के साथ संयुक्‍त रूप से खरीदें। इनकम टैक्‍स एक्‍ट की धारा 24 के तहत हाउस लोन पर चुकाए गए ब्‍याज पर अधिकतम डेढ़ लाख रुपए की सालाना छूट हासिल होती है। ऐसे में यदि पत्‍नी के साथ आप होम लोन लेते हैं तो दोनों की डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की लिमिट मिलाकर आप कुल 3 लाख रुपए पर छूट हासिल कर सकते हैं।

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