देश का डाक विभाग नागरिकों को सिर्फ डाक सेवाएं ही नहीं बल्कि कई बैंकिंग और वित्तीय सुविधाएं भी प्रदान करता है। पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों को कई तरह की बचत योजनाओं में निवेश करने का विकल्प देता है। डाकघर में सामान्य सेविंग्स अकाउंट के साथ ही आरडी खाता, टीडी खाता, मंथली इनकम स्कीम, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट खाते खुलवाए जा सकते हैं। यहां हम जानेंगे कि क्या पोस्ट ऑफिस की सेविंग्स स्कीम में महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा ब्याज मिलता है?
क्या महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा ब्याज मिलता है
पोस्ट ऑफिस अपनी किसी भी बचत योजना में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा ब्याज नहीं देता है। पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में महिलाओं और पुरुषों को बराबर ब्याज मिलता है। इतना नहीं, पोस्ट ऑफिस वरिष्ठ नागरिकों को भी महिलाओं और पुरुषों की तुलना में ज्यादा ब्याज नहीं देता है। डाकघर की बचत खाते, आरडी खाते, टीडी खाते, मंथली इनकम स्कीम, पीपीएफ, किसान विकास पत्र स्कीम पर महिलाओं, पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों को बराबर ब्याज मिलता है। बैंक भी बचत खाते, आरडी खाते और एफडी खातों पर महिलाओं को पुरुषों के बराबर ही ब्याज देता है। हालांकि, बैंक एफडी खातों पर वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा ब्याज देता है।
SSY और SCSS स्कीम में लड़कियों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है ज्यादा ब्याज
हालांकि, पोस्ट ऑफिस की एक योजना में 10 साल से कम उम्र की लड़कियों को सबसे ज्यादा मिलता है। जी हां, सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर लड़कियों को 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर से रिटर्न मिलता है। बताते चलें कि इतना ब्याज पोस्ट ऑफिस या किसी भी बैंक की बचत योजनाओं पर नहीं मिलता है। सुकन्या समृद्धि योजना एक केंद्रीय योजना है, जिसे पोस्ट ऑफिस के अलावा किसी भी बैंक में खुलवाया जा सकता है। इसके अलावा, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सबसे ज्यादा 8.2 प्रतिशत का ब्याज मिलता है। SCSS खातों को भी पोस्ट ऑफिस के अलावा बैंकों में भी खुलवाया जा सकता है।