प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने साल 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य नॉन-कॉर्पोरेट, नॉन-एग्रीकल्चर स्मॉल और माइक्रो ऑन्त्रेप्रेन्यॉर्स को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए 20 लाख रुपये तक का आसान और जमानत-मुक्त माइक्रो क्रेडिट उपलब्ध कराना है। बताते चलें कि सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में लोन की लिमिट को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 20 लाख रुपये कर दिया था। सरकार ने मुद्रा योजना के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लोन की लिमिट में बड़ा इजाफा किया था।
PMMY में 4 अलग-अलग कैटेगरी के तहत मिलता है लोन
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बैंक 4 अलग-अलग कैटेगरी- शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस में लोन देने मुहैया कराते हैं। शिशु कैटेगरी में 50,000 रुपये तक का लोन दिया जाता है, किशोर कैटेगरी में 50,000 रुपये से 5,00,000 रुपये तक का लोन दिया जाता है। तरुण कैटेगरी में 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। तरुण प्लस कैटेगरी में 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। यहां आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि तरुण प्लस के तहत सिर्फ उन्हीं ऑन्त्रेप्रेन्यॉर्स को लोन दिया जाता है, जिन्होंने पहले तरुण कैटेगरी के तहत लोन लिया था और समय पर उसका भुगतान किया था।
लोन चुकाने के लिए कितना समय मिलता है, ब्याज कितना लगेगा
भारतीय स्टेट बैंक की वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत 5 लाख रुपये तक के लोन को चुकाने के लिए 5 साल का समय मिलता है, जिसमें अधिकतम 6 महीने की मोरेटोरियम अवधि शामिल है। जबकि 5 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक का लोन चुकाने के लिए 7 साल का समय मिलता है, जिसमें अधिकतम 12 महीने की मोरेटोरियम अवधि शामिल है। एसबीआई के मुताबिक, मुद्रा योजना के तहत दिए गए लोन के लिए EBLR के साथ 3.25 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज चुकाना होता है। मुद्रा योजना से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी बैंक ब्रांच में बात कर सकते हैं।