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रिटायरमेंट के बाद भी हर महीने होगी ₹50,000 रुपये की इनकम! एक्सपर्ट्स ने बताई 3 स्ट्रैटेजी, जो बदल देंगी आपकी लाइफ

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Mar 28, 2026 04:11 pm IST,  Updated : Mar 28, 2026 04:11 pm IST

रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि बिना नौकरी के घर का खर्च कैसे चलेगा? क्या बढ़ती महंगाई हमारे जमा किए हुए फंड को खत्म कर देगी? हर कोई चाहता है कि बुढ़ापे में उसके पास एक ऐसी फिक्स्ड इनकम हो, जो न केवल घर चलाए बल्कि महंगाई को भी मात दे सके।

रिटायरमेंट प्लानिंग- India TV Hindi
रिटायरमेंट प्लानिंग Image Source : CANVA

हर कोई चाहता है कि रिटायरमेंट के बाद भी उसकी आय बनी रहे और लाइफस्टाइल में कोई कमी न आए। लेकिन बढ़ती महंगाई और बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच यह सपना आसान नहीं होता। ऐसे में सही प्लानिंग और स्मार्ट इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी बेहद जरूरी हो जाती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सही तरीके से निवेश किया जाए, तो आप 25 साल तक हर महीने ₹50,000 की इनकम हासिल कर सकते हैं।

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, ₹50,000 की मासिक इनकम के लिए आपको लगभग ₹1.2 करोड़ से ₹1.9 करोड़ का कॉर्पस तैयार करना होगा। हालांकि यह राशि आपके निवेश रिटर्न और रिस्क लेने की क्षमता पर भी निर्भर करती है।

पैसे निकालने की सही दर क्या होनी चाहिए?

रिटायरमेंट के बाद सबसे अहम सवाल होता है कि हर साल कितनी रकम निकाली जाए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 3.5% से 6% के बीच का विड्रॉल रेट सुरक्षित माना जाता है। बहुत ज्यादा निकासी करने से आपका फंड जल्दी खत्म हो सकता है, वहीं बहुत कम निकासी से आपकी जरूरतें पूरी नहीं होंगी।

बकेट स्ट्रैटेजी: स्मार्ट प्लानिंग का फॉर्मूला

एक्सपर्ट्स बकेट स्ट्रैटेजी अपनाने की सलाह देते हैं, जिसमें निवेश को तीन हिस्सों में बांटा जाता है

  • शॉर्ट टर्म (0-5 साल): कम जोखिम वाले निवेश जैसे डेट फंड, ताकि नियमित खर्च आसानी से पूरे हो सकें।
  • मीडियम टर्म (5-10 साल): हाइब्रिड फंड, जो मध्यम रिटर्न देते हैं और पहले बकेट को सपोर्ट करते हैं।
  • लॉन्ग टर्म (10+ साल): इक्विटी निवेश, जो महंगाई को मात देने और लंबी अवधि में ग्रोथ देने में मदद करते हैं।

SWP, FD या Annuity क्या है बेहतर?

  • SWP (सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान): म्यूचुअल फंड से नियमित निकासी का ऑप्शन, जो लचीला और टैक्स एफिशिएंट है।
  • FD (फिक्स्ड डिपॉजिट): सुरक्षित लेकिन टैक्सेबल और सीमित रिटर्न वाला विकल्प।
  • Annuity Plan: निश्चित आय देता है, लेकिन रिटर्न कम होता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, ज्यादातर निवेशकों के लिए SWP बेहतर ऑप्शन साबित हो सकता है।

इन गलतियों से बचना जरूरी

  • जरूरत से ज्यादा जोखिम लेना या बहुत ज्यादा सुरक्षित खेलना
  • हेल्थ खर्च को नजरअंदाज करना
  • बाजार गिरने पर घबराकर गलत फैसले लेना
  • प्लान की नियमित समीक्षा न करना
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