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टैक्स फ्री इनकम: इन सरकारी स्कीम में निवेश पर 1 रुपया भी टैक्स नहीं, चेक करें डिटेल्स

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Mar 22, 2026 11:06 pm IST,  Updated : Mar 22, 2026 11:06 pm IST

एक निवेशक के लिए सिर्फ वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ही नहीं, बल्कि टैक्स बचाने के तरीकों को भी ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।

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टैक्स फ्री इनकम Image Source : FREEPIK

Tax Free Income: आज के समय में बचत कितना महत्वपूर्ण और जरूरी है, इसके बारे में बताने की कोई जरूरत नहीं है। एक निवेशक के लिए सिर्फ वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ही नहीं, बल्कि टैक्स बचाने के तरीकों को भी ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए। यहां हम कुछ ऐसी सरकारी योजनाओं के बारे में जानेंगे, जो न सिर्फ आपको मोटा रिटर्न देते हैं बल्कि टैक्स बचाने में भी काफी मदद करते हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक लोकप्रिय सरकारी निवेश योजना है। ये स्कीम EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी के तहत आती है। EEE का मतलब- निवेश की राशि, निवेश से प्राप्त होने वाला ब्याज और मैच्यॉरिटी पर मिलने वाली सारी रकम भी पूरी तरह से टैक्स-फ्री रहेगी। इसका मतलब, पीपीएफ स्कीम पर आपको एक भी रुपये का टैक्स नहीं चुकाना होगा। पीपीएफ स्कीम पर अभी 7.1 प्रतिशत का ब्याज मिल रहा है। पीपीएफ खाता 15 साल में मैच्यॉर होता है।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

बेटियों के लिए खोले जाने वाली सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भी पूरी तरह से टैक्स-फ्री है। सुकन्या समृद्धि योजना भी EEE कैटेगरी के तहत आती है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बेटियों को 8.2 प्रतिशत का बंपर ब्याज दिया जा रहा है। बेटियों के लिए इतना ब्याज किसी भी अन्य स्कीम पर नहीं मिल रहा है। इस स्कीम के तहत, एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है।

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)

इन स्कीम्स के अलावा, जो पूरी तरह से टैक्स-फ्री नहीं हैं। हालांकि, ज्यादातर लोगों को इसका लाभ मिल जाता है। 1 अप्रैल 2021 से, अगर EPF में कर्मचारी का सालाना योगदान 2.5 लाख रुपये से कम है तो आपको एक भी रुपये का टैक्स नहीं देना होगा। अगर ये योगदान 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको ब्याज पर टैक्स चुकाना होगा। ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ खातों पर 8.25 प्रतिशत के ब्याज दर की सिफारिश की है, जो पिछले साल के बराबर ही है।

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