1. Hindi News
  2. पैसा
  3. टैक्स
  4. SGB Tax: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से हुई कमाई पर देना होगा 12.5% टैक्स, आज से लागू हुआ नया नियम

SGB Tax: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से हुई कमाई पर देना होगा 12.5% टैक्स, आज से लागू हुआ नया नियम

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Apr 01, 2026 04:57 pm IST,  Updated : Apr 01, 2026 04:57 pm IST

1 फरवरी, 2026 को पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स वसूलने की घोषणा की थी।

SGB, Sovereign Gold Bonds, tax on sgb, tax on Sovereign Gold Bonds, ltcg, ltcg on sgb, ltcg on Sover- India TV Hindi
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से हुई कमाई पर देना होगा 12.5% का टैक्स Image Source : AP

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर आज से टैक्स के नए नियम लागू हो गए हैं। 1 अप्रैल, 2026 से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से होने वाले प्रॉफिट पर 12.5 प्रतिशत तक का भारी-भरकम लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना होगा। नए नियमों के तहत, जिन निवेशकों ने सेकेंडरी मार्केट ट्रांजैक्शन, ट्रांसफर या किसी अन्य तरीके से SGB खरीदे थे, उन्हें रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा। हालांकि, जिन निवेशकों ने सीधे RBI से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदे थे और सीधे मैच्योरिटी पर बेचते हैं, उन्हें कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं चुकाना होगा, उन्हें इसमें पूरी तरह से छूट मिलेगी। बताते चलें कि 1 फरवरी, 2026 को पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स वसूलने की घोषणा की थी।

बीएसई, एनएसई, स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स या बैंकों से खरीदे गए गोल्ड बॉन्ड पर देना होगा टैक्स

यहां सेकेंडरी मार्केट का मतलब, आरबीआई को छोड़कर किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म से है, जहां से आपने गोल्ड बॉन्ड खरीदा है। बीएसई, एनएसई के अलावा कई स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म और बैंकों के नेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए भी गोल्ड बॉन्ड खरीदे जाते थे। अगर आपने बीएसई, एनएसई, स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स या बैंकों के जरिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदा था तो आपको 12.5 प्रतिशत का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स चुकाना ही पड़ेगा, अब बेशक आप उसे पूरे 8 साल के मैच्यॉरिटी पीरियड तक ही क्यों न रखें। प्राइमरी मार्केट, यानी भारतीय रिजर्व बैंक से खरीदे गए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स नहीं देना होगा।

भारतीय रिजर्व बैंक से SGB खरीदने वालों को इस नियम का रखना होगा खास ध्यान

हालांकि, आरबीआई से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदने वालों को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स से छूट पाने के लिए उसे पूरे 8 साल तक अपने पास रखना होगा। अगर किसी निवेशक ने सीधे आरबीआई से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदा था और 5 साल के बाद उसे बेचता है तो उसे भी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना होगा। बताते चलें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश की गई राशि पर निवेशकों को 2.5 प्रतिशत का सालाना ब्याज भी मिलता है, उस पर 'अन्य स्रोतों से आय' के रूप में लागू स्लैब दरों पर टैक्स के दायरे में आता रहेगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tax से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा