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जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि सरकार को इक्विटी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स के लिए टैक्स-फ्री छूट सीमा को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करना चाहिए।
पिछले हफ्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और लार्सन एंड टुब्रो के मार्केट कैप में गिरावट आई।
साल 2025 का आखिरी महीना दिसंबर जहां ज्यादातर ऑटो कंपनियों के लिए राहत भरा साबित हुआ, वहीं कुछ कारों के लिए यह महीना पूरी तरह ‘ब्लैंक’ साबित हुआ। त्योहारों और साल के अंत की बंपर डील्स के बावजूद भारतीय बाजार में 6 ऐसी कारें रहीं, जिन्हें एक भी ग्राहक नसीब नहीं हुआ।
अगर आप सोना-चांदी खरीदने या उसमें निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। बीते एक हफ्ते में चांदी ने ऐसा रफ्तार पकड़ी है कि निवेशकों से लेकर आम खरीदार तक हैरान हैं। वहीं सोना भी लगातार मजबूती दिखा रहा है और अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच चुका है।
जनवरी 2026 के तीसरे हफ्ते तक आते-आते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जहां एक तरफ घरेलू निवेशक बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना बाजार की दिशा पर सवाल खड़े कर रहा है।
असम अब विकास और वन्यजीव संरक्षण का ऐसा मॉडल बनने जा रहा है, जिसकी मिसाल देश ही नहीं दुनिया में दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे के दौरान काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखकर यह साफ संदेश दिया कि सड़कें भी बनेंगी और जंगल भी सुरक्षित रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम को दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात दी। इन ट्रेनों के शुरू होने से न सिर्फ असम, बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा तक रेल कनेक्टिविटी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी। जानिएं कहां-कहां रुकेगी ट्रेन
देश के लाखों गिग वर्कर्स के लिए सरकार एक बड़ी राहत लेकर आने वाली है। Swiggy, Zomato, Zepto, Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स से लेकर घरेलू सहायकों तक, ऐसे लोग जो अब तक बैंकिंग सिस्टम से बाहर थे, उन्हें बिना किसी गारंटी के लोन मिलने का रास्ता खुलने जा रहा है।
अगला हफ्ता शेयर बाजार के निवेशकों के लिए खास रहने वाला है। 20 से 23 जनवरी 2026 के बीच कई बड़ी और जानी-पहचानी कंपनियों के शेयर डिविडेंड, स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू जैसे अहम कॉर्पोरेट एक्शंस के चलते फोकस में रहेंगे।
भारत में UPI जितना तेजी से बढ़ा है, उतना ही कमजोर इसका कमाई मॉडल रहा है। सरकार की जीरो MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) पॉलिसी ने डिजिटल पेमेंट को हर गली-मोहल्ले तक पहुंचाया, लेकिन हर UPI ट्रांजैक्शन पर करीब 2 रुपये का खर्च बैंकों और फिनटेक कंपनियों को खुद उठाना पड़ रहा है।
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