महंगाई के दौर में जब हर किलोमीटर जेब पर भारी पड़ रहा है, तब बजट 2026 आम आदमी के लिए राहत की एक साफ़ सांस लेकर आया है। इस बार बजट की सबसे जमीनी और सीधे असर डालने वाली घोषणा सीएनजी से गाड़ी चलाने वालों के लिए हुई है।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के चेंबुर में महानगर गैस लिमिटेड की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण रविवार से ही सीएनजी की सप्लाई ठप पड़ी थी।
गैस सप्लाई प्रभावित होने की वजह से ओला और उबर ने टैक्सी का किराया बढ़ा दिया है।
भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के अधीन आने वाले ईपीएफओ में 1 जून से बड़ा बदलाव हो सकता है।
मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि दो साल तक दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा और उसके बाद सालाना 0.25 डॉलर की वृद्धि की जाएगी।
नए प्रस्तावित संशोधन दूर-दराज के क्षेत्रों में सीएनजी और पीएनजी-घरेलू कनेक्शन के विकास में भी मदद करेंगे और शहरी गैस क्षेत्र, ट्रांसमिशन ऑपरेटर, दूर-दराज के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं जैसे प्रमुख हितधारकों को फायदा पहुंचाएंगे।
चुनाव खत्म होने के बाद, मुंबई में सिटी गैस रिटेलर, महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है।
सूत्रों ने कहा कि फिलहाल खुदरा विक्रेताओं ने सीएनजी की दरें नहीं बढ़ाई हैं क्योंकि वे इसके समाधान के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं। एक विकल्प यह है कि सरकार सीएनजी पर उत्पाद शुल्क में कटौती करे।
Torrent Gas cng price : महानगर गैस लिमिटेड और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के बाद अब टॉरेंट गैस ने भी सीएनजी की कीमतों में कटौती की है। कंपनी ने सीएनजी की कीमत में 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम की कटौती की घोषणा की है।
नई दरें 23 नवंबर 2023 से लागू हो गई हैं। आज से लोगों का सीएनजी पर खर्च बढ़ गया है। दिल्ली-एनसीआर में ज्यादातर गाड़ियां सीएनजी से ही चलती हैं। ऐसे में इनका खर्च भी बढ़ गया है।
पेट्रोल और डीजल महंगा होने के चलते सीएनजी वाली गाड़ियों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। बड़ी संख्या में वाहन मालिक सीएनजी वाहनों का उपयोग करते हैं। सरकार दो साल में एक बार स्थानीय रूप से उत्पादित प्राकृतिक गैस के लिए कीमतें निर्धारित करती है, जिसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
गैस कीमतों में दो साल में लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि होने के बाद यह कटौती की गई है। सीएनजी कीमतें अप्रैल, 2021 से दिसंबर, 2022 के बीच 15 बार बढ़ाई गईं।
सीएनजी और पीएनजी की कीमतें आज से काफी कम हो गई हैं। एटीजीएल ने 8 अप्रैल से सीएनजी की कीमत में 8.13 रुपये प्रति किलोग्राम और पीएनजी की कीमत में 5.06 रुपये प्रति घन सेंटीमीटर तक की कमी की है।
यह कदम घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के मूल्य निर्धारण की नई व्यवस्था की बृहस्पतिवार को की गई घोषणा को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हालांकि मूल्य निर्धारण फॉर्मूले में बदलाव करते हुए उपभोक्ताओं के लिए दरों को 6.5 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू पर सीमति कर दिया है।
सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल बैठक के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने घरेलू प्राकृतिक गैस कीमत निर्धारण के नए फॉर्मूले को मंजूरी दी है।
पाइपलाइनों के लिए टैरिफ का शुल्क बढ़कर 45 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। इसके बाद 1 अप्रैल, 2023 से यह टैरिफ 58.61 रुपये प्रति एमएमबीटीयू हो जाएगा।
पेट्रोल की कीमत जहां 90 से 100 रुपये के बीच है, वहीं CNG 75 से 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल जाती है। कार्बन एमिशन की बात करें तो यहां भी CNG बेहतर है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
भारत में अब सीएनजी कारों की मांग यकायक बढ़ी है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी इस समय आसमान छू रहीं हैं। दूसरी ओर किफायती और पर्यावरण को नुकसान ने पहुंचने के कारण यह लोंगो की पहली पसंद बनती जा रही हैं।
सरकार के अनुसार जनवरी 2021 से लेकर नवंबर 2022 तक अतंरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें 327 फीसदी बढ़ीं, लेकिन भारत में केवल 84 फीसदी ही इजाफा हुआ। जिसके चलते कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
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