प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए लेविट ने कहा कि ट्रंप ने करीब चार साल से रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने के लिए जबरदस्त सार्वजनिक दबाव डाला है।
रूस से जीवाश्म ईंधन आयात के मामले में चीन 235 अरब यूरो (तेल के लिए 170 अरब यूरो, कोयले के लिए 34.3 अरब यूरो और गैस के लिए 30.5 अरब यूरो) के साथ सबसे आगे रहा। सीआरईए के मुताबिक, भारत ने यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से 2 मार्च, 2025 तक के 3 सालों में रूस से कुल 205.84 अरब यूरो के जीवाश्म ईंधन खरीदे।
यह स्थिति महीने भर भी चल सकती है। टमाटर, मिर्च या शिमला मिर्च, खीरा, ब्रोकली, फूलगोभी और रसभरी का उत्पादन सीमित रह गया है। इससे एक ग्राहक के लिए खरीद सीमा तय की गई है।
"भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश और पांचवें या छठे सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है। उसे ज़रूरत नहीं है कि वो अमेरिका (America) और चीन (China) के धुरी में शामिल हो।"
जिम्बाब्वे की मुद्रास्फीति बढ़कर 130 प्रतिशत से अधिक हो गई है। यूक्रेन-रूस युद्ध की शुरुआत से पहले जिम्बाब्वे की मुद्रास्फीति दर 66 प्रतिशत थी।
गोयल ने कहा कि जिंसों के दाम, मुद्रास्फीति, पोत परिवहन तथा कंटेनर की कमी को लेकर चुनौतियां हैं।
शक्तिकांत दास ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद उच्च विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाते का घाटा निचले स्तर पर होने से अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है।
रूस यूक्रेन युद्ध से सिर्फ तेल ही नहीं, खाने-पीने खेती गैस सीमेंट ऐसी फ्रिज की महंगाई से 25 प्रतिशत तक बढ़ेंगे आपके खर्चे
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