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पंजाब PCS मेन्स रिजल्ट में बड़ा खेल? एक ही कमरे से 45% अभ्यर्थी पास, अनुपस्थित भी सिलेक्ट; अकाली दल ने मान सरकार को घेरा

 Reported By: Puneet Pareenja,  Written By: Khushbu Rawal
 Published : Nov 05, 2026 03:54 pm IST,  Updated : Nov 05, 2026 03:57 pm IST

पंजाब लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित PCS मेन्स 2026 के नतीजे घोषित होते ही भर्ती प्रकिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिणामों को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान सरकार को घेरा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : PEXELS

शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता और प्रेसिडेंट लीगल सेल एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने पंजाब सिविल सर्विस (PCS) मेन्स 2026 के परिणामों ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेर ने कहा कि भगवंत मान सरकार को जवाब देने होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि चार अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के एक-एक कमरे से 10-11 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इसके अलावा लगातार रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों के चयन और गैरहाजिर उम्मीदवारों के रोल नंबर परिणाम में शामिल होने पर भी सवाल उठाए। कलेर ने कहा, ''भगवंत मान जी, अब सवाल आपकी सरकार से हैं। इन गंभीर सवालों के जवाब कब मिलेंगे?''

बता दें कि यह पूरा मामला पंजाब PCS मेन्स परीक्षा 2026 के रिजल्ट में कथित गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवालों से जुड़ा है। 4 नवंबर की देर रात रिजल्ट आया। जिसके बाद एग्जाम देने वाले अभ्यर्थियों ने इसमें अनियमितताओं और धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

  • पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (PPSC) ने 4 नवंबर 2026 को PCS मेन्स का परिणाम घोषित किया।
  • कुल पद: 331
  • इंटरव्यू के लिए चयनित उम्मीदवार: 751

परिणाम के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

उम्मीदवारों ने कौन-कौन से आरोप लगाए?

पहला आरोप: एक ही कमरे से 10-11 उम्मीदवार पास अभ्यर्थियों द्वारा सामने रखे गए आंकड़ों के मुताबिक:

एक ही कमरे से 40% से ज्यादा चयन पर सवाल

अभ्यर्थियों की ओर से परिणाम का विश्लेषण करने के बाद कुछ परीक्षा केंद्रों के आंकड़ों पर सवाल उठाए गए हैं। उनका दावा है कि चार अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के कुछ कमरों से 10 से अधिक उम्मीदवारों का चयन हुआ है। सेंटर-7 के कमरा नंबर-8 में परीक्षा देने वाले 24 अभ्यर्थियों में से 11 (45.8 प्रतिशत) को शॉर्टलिस्ट किया गया।

इसी तरह सेंटर-11 के कमरा नंबर-14 में 24 में से 10 (41.7 प्रतिशत) और सेंटर-4 के कमरा नंबर-19 में भी 24 में से 10 (41.7 प्रतिशत) अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ही कमरे से इतने अधिक उम्मीदवारों का चयन सामान्य संयोग नहीं माना जा सकता। इसकी जांच होनी चाहिए।

दूसरा आरोप: लगातार रोल नंबर वाले उम्मीदवारों का चयन अभ्यर्थियों के विश्लेषण के अनुसार 86 चयनित उम्मीदवार ऐसे समूहों में हैं जिनके रोल नंबर लगातार हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सामान्य संयोग है या इसकी जांच होनी चाहिए?

तीसरा आरोप: 331 पदों पर केवल 751 उम्मीदवार अभ्यर्थियों का कहना है कि नियम के मुताबिक प्रत्येक पद के लिए तीन उम्मीदवार बुलाए जाने चाहिए थे।

इस हिसाब से: 331 X 3 =993 

लेकिन इंटरव्यू के लिए 751 उम्मीदवार ही बुलाए गए। यहां आयोग से नियम और उसकी लागू प्रक्रिया का स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

चौथा आरोप: अनुपस्थित उम्मीदवार भी चयनित कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया है कि ऐसे रोल नंबर भी चयनित सूची में हैं जिनके उम्मीदवार मेन्स परीक्षा में अनुपस्थित थे।

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