जयपुर: राजस्थान एटीएस ने जयपुर से बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को गिरफ्तार किया है। बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा पर पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश–ए–मोहम्मद से संपर्क में होने के गंभीर आरोप हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बबिता राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में आई और धीरे-धीरे जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े हैंडलर्स से कनेक्ट हो गई।
बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा पर बड़े खुलासे
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी महिला बबीता धाकड़ के मामले में बड़े खुलासे हुए हैं। कंधार हाईजैकर्स के रिलेटिव से बबीता कनेक्ट थी। बहावलपुर हेडक्वार्टर में बैठा व्यक्ति बबीता से चैट कर रहा था। एटीएस की जांच के मुताबिक, बबीता का WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे। उसने अपने सिम का पासवर्ड पाकिस्तान में हैंडलर को दे दिया था।
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर उसे पढ़वाते थे कलमा
ये भी सामने आया कि बबीता ने जयपुर में कई लोकेशन पर ट्रैवल किया है। पाकिस्तान में बैठे अलग-अलग हैंडलर उसे हर रोज कलमा पढ़ाते थे। बबीता से बात करने वाले ने खुद को अजहर मसूद का रिश्तेदार बताया है। उसने बबीता से कहा कि वह बहावलपुर में बैठकर चैट करता था। जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेटर बबीता को स्लीपर सेल बनने की ट्रेनिंग दे रहा था।
डिवोर्स के बाद अबू के संपर्क में आई बबीता
बबीता धाकड़ सोशल मीडिया के जरिए अबू उबैदा नामक शख्स के संपर्क में आई थी। बबीता धाकड़ का डिवोर्स हो गया था, उसके बाद सोशल मीडिया के जरिए बबीता की अबू उबैदा से बातचीत होने लगी। कई महीनों से दोनों लोग फोन पर बातचीत कर रहे थे। बबीता धाकड़ को अबू उबैदा ने झांसे में लेकर इस्लाम कबूल करवाया और फिर उसको कलमा पढ़ना सिखाया। जब बातचीत में अबू को ये लग गया कि बबीता उसके चंगुल में पूरी तरह से है तब वो जैश-ए-मोहम्मद के बारे में बात करने लगा और हथियारों वगैरह की फोटो भेजने लगा। आतंकी संगठन के लोगों के बारे में बात करने लगा।
पाकिस्तानी अबू ने किया किया बबीता का ब्रेनवॉश
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अबू उबैदा ने बबीता की कुछ और लोगों से भी बात करवाई। बबीता को पाकिस्तान बुलाने की तैयारी थी। हवाई मार्ग से जाती तो पता लग जाता इसलिए सबसे पहले नेपाल भेजने की तैयारी थी। फिर वहां से पाकिस्तान लाने की तैयारी की जा रही थी। बबीता जिन लोगों को सोशल मीडिया पर फॉलो करने लगी थी वो आतंकी संगठन से जुड़े हुए प्रतिबंधित लोग थे। उन्होंने बबीता को ब्रेनवॉश कर रखा था।
दी गई भारतीय फौज के जवानों को टारगेट करने की ट्रेनिंग
गौरतलब है कि इसी साल अप्रैल में पाकिस्तान से एक मौलवी ने ऑनलाइन माध्यम से बबीता को कलमा पढ़वाकर उसका ऑनलाइन धर्म परिवर्तन कराया था, जिसके बाद बबीता धाकड़ को खदीजा नाम दिया गया था। जांच एजेंसियों को पता चला है कि बबीता धाकड़ को भारतीय सेना के जवानों को टारगेट करने के लिए ट्रेनिंग दी गई थी। उसने अपने जाल में फंसाने के लिए सेना के कई जवानों से संपर्क भी किया था।
बबीता को दी जा रही थी आत्मघाती हमले की ट्रेनिंग
जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग 'जमात-उल-मुमिनात' की तरफ से भारत में युवतियों को जोड़ने की बबीता को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह देश के अलग-अलग राज्यों में कई युवतियों का ब्रेनवॉश कर रही थी। जांच में सामने आया कि जयपुर की बबीता को आत्मघाती हमले की ट्रेनिंग दी जा रही थी। जैश कमांडर उसे ट्रेनिंग दे रहा था। बबीता के फेसबुक अकाउंट से जुड़े कई ऐसे अकाउंट्स मिले हैं, जो आतंकवादी संगठन से जुड़े हैं।
बबीता को पाकिस्तान जाने के लिए उकसाने की हो रही थी कोशिश
बबीता जयपुर में स्लीपर सेल के तौर पर काम कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो खदीजा को नेपाल, सऊदी अरब और UAE के रास्ते पाकिस्तान जाने के लिए भी उकसाने की कोशिश की गई थी। यात्रा खर्च और दूसरे लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग की योजना बनाई गई थी।
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