Monday, January 19, 2026
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'राजस्थान में कांग्रेस की 2018 में वापसी मेरे पिछले काम के कारण हुई'- CM गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को जवाब देते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस की 2018 में सत्ता में वापसी उनके पिछले कार्यकाल में किए गए काम के कारण हुई।

Edited By: Akash Mishra @Akash25100607
Published : Jan 26, 2023 11:58 pm IST, Updated : Jan 26, 2023 11:58 pm IST
सीएम अशोक गहलोत(फाइल फोटो)- India TV Hindi
Image Source : PTI सीएम अशोक गहलोत(फाइल फोटो)

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को जवाब देते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस की 2018 में सत्ता में वापसी उनके पिछले कार्यकाल में किए गए काम के कारण हुई। साथ ही उन्होंने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में 156 सीटें जीतने का लक्ष्य भी रखा। लंबे समय से गहलोत के साथ सत्ता की खींचतान में फंसे पायलट ने हाल ही में कहा था कि 2013 से 2018 तक जब वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे उस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के संघर्ष के कारण कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई। 

'2013 की हार मोदी लहर के कारण हुई थी'

पायलट ने बार-बार कहा है कि कांग्रेस विधायकों की संख्या जो 2013 में घटकर 21 रह गई थी, पार्टी आलाकमान द्वारा उन्हें राज्य में प्रदेश कांग्रेस कमेटी का प्रमुख बनाए जाने के बाद ही बढ़ी। गहलोत ने पायलट का नाम लिए बिना कहा कि 2013 की हार काफी हद तक ‘मोदी लहर’ के कारण हुई थी, लेकिन राज्य में बीजेपी सरकार के छह महीने के कार्यकाल में लोगों को अपनी गलती का एहसास हो गया था। 

'माहौल एक बड़ा कारण होता है सरकार वापस आने का'
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, "वो जो माहौल बनता है, वो भी एक बड़ा कारण होता है सरकार वापस आने का। बाकी कारण तो होते ही हैं हमारे कार्यकर्ता, हमारी पार्टी संघर्ष करती है, सड़कों पर उतरती है। हालांकि, (जनता के) दिमाग में था कि पिछली बार हमने 2013 में सरकार बदलकर गलती कर दी और इसीलिए इस बार पहले ही हवा बन गई थी कि सरकार आनी चाहिए और अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनना चाहिए।" 

गहलोत ने दावा किया कि बीजेपी के पास उनकी सरकार के खिलाफ बोलने के लिए कोई मुद्दा नहीं है और लोगों में कोई सत्ता विरोधी भावना नहीं है और जनता सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों से खुश है। उन्होंने कहा कि देश भर में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा जैसी राज्य योजनाओं के बारे में बात की जा रही है और कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को फिर से शुरू करने से खुश हैं। 

'आखिरी सांस तक करते रहेंगे संघर्ष'
गहलोत ने कहा, ‘‘हमारा रास्ता बिलकुल साफ है। जब हमने 1998 में सरकार बनाई थी, तब 156 सीटें आई थीं, उस समय मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था, तो मैं चाहूंगा कि हम लोग मिशन 156 लेकर चलें। इसके लिए हमने काम शुरू कर दिया है।’’ गहलोत ने कहा कि उनके विधायकों ने उनका समर्थन किया और 2020 में राजनीतिक संकट के दौरान अंदरूनी कलह से निपटने में उनकी मदद की, जिससे उनकी सरकार बच गई। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी सरकार को बचाने और लोगों की सेवा करने के लिए कड़ा संघर्ष किया और अपनी ‘‘आखिरी सांस’’ तक ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राजनीति सेवा की राजनीति है और रचनात्मक कार्यों पर आधारित है। गहलोत ने दावा किया, ‘‘मेरा मानना है कि इस बार चार साल बाद जनता में सरकार विरोधी लहर नहीं है। मुख्यमंत्री (गहलोत) को बहुत अच्छा आदमी कहा जाता है, यह मैं नहीं कह रहा, लोग कह रहे हैं।’’ 

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