1. Hindi News
  2. राजस्थान
  3. राजस्थान मेयर चुनाव में रिसोर्ट पॉलिटिक्स शुरू, कांग्रेस ने पार्षदों को भेजा कर्नाटक; अजमेर में निर्दलीय की भूमिका अहम

राजस्थान मेयर चुनाव में रिसोर्ट पॉलिटिक्स शुरू, कांग्रेस ने पार्षदों को भेजा कर्नाटक; अजमेर में निर्दलीय की भूमिका अहम

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 16, 2026 05:31 pm IST,  Updated : Sep 16, 2026 05:55 pm IST

मेयर चुनाव में जीत पक्की करने के लिए कांग्रेस ने अपने पार्षदों को कर्नाटक भेज दिया है। कांग्रेस को खरीद-फरोख्त का डर है, इसलिए पार्षदों की बाड़ेबंदी की जा रही है।

बस में सवार पार्षद- India TV Hindi
बस में सवार पार्षद Image Source : REPORTER

राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद पार्षदों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई है। अजमेर में मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने सभी पार्षदों को कर्नाटक भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार के रिसोर्ट में पार्षदों को ठहराया गया है। कांग्रेस को डर है कि उसके पार्षदों को खरीदा जा सकता है। इसी से बचाने के लिए पार्षदों को बेंगलुरू भेजा गया है।

कांग्रेस बहुमत से चार सीट दूर

अजमेर में मेयर किस पार्टी का बनेगा इसका फैसला निदर्लीय पार्षदों के हाथ में है। अजमेर निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, हालांकि यहां पर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस निर्दलीय पार्षदों के सहयोग से अपना बोर्ड बना सकती है। अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में से 37 पार्षद कांग्रेस के हैं। कांग्रेस बहुमत से है सिर्फ चार सीट दूर है, जबकि बीजेपी के पास 32 पार्षद हैं। 11 निर्दलीय पार्षद हैं। यही निर्दलीय निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

अजमेर बीजेपी का माना जाता रहा है गढ़

बता दें कि अजमेर शहर को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का गढ़ माना जाता है। इस बार नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 37 वार्ड में जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया है। भाजपा ने 32 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए 11 वार्डों में बाजी मारी है। अब नगर निगम में बोर्ड गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। महापौर चुनाव से पहले निर्दलीयों को साधने के लिए दोनों प्रमुख दलों की सक्रियता बढ़ना तय माना जा रहा है। 

यहां देखें वीडियो

विजेता पार्षदों की लिस्ट

  1.  विनोद डीडवानिया भाजपा
  2.  कमल बैरवा कांग्रेस
  3.  अनामिका शर्मा भाजपा
  4.  मोनिका जैन भाजपा
  5.  मंजू देवी भाजपा
  6.  मीनाक्षी कच्छावा भाजपा
  7.  विवेक सिंह रावत भाजपा
  8.  कुंदन वैष्णव निर्दलीय
  9.  मीनाक्षी यादव कांग्रेस
  10.   हेमलता भाजपा
  11.  संजना कॉंग्रेस 
  12.  रजना सोनी भाजपा
  13.  रेहान खान कांग्रेस
  14.  अजहद हुसैन निर्दलीय
  15.  आजम चित्ती कांग्रेस
  16.  तरुण गोयल भाजपा
  17.  बालेश गोयल भाजपा
  18.  लक्ष्मी कांग्रेस
  19.  चंद्रशेखर चौधरी कांग्रेस
  20.   राजेश शर्मा भाजपा
  21.   सुनील कांग्रेस
  22.   गोविंदराज भाजपा
  23.  नीलम चौधरी कांग्रेस
  24.  रश्मि हिंगोरानी कांग्रेस
  25.  दुर्गा ज़ैदीया भाजपा
  26.  सुनील कांग्रेस
  27.  विनोद निर्दलीय
  28.  गायत्री निर्दलीय
  29.   हेमलता भाजपा
  30.  नीलम कांग्रेस
  31.  अंकित गुर्जर भाजपा
  32.  खुशनुमा कांग्रेस
  33.  एकरामुद्दीन कांग्रेस
  34.  मंजू शर्मा भाजपा
  35.   मोनिका निर्दलीय
  36.  निहाल सिंह शेखावत कांग्रेस
  37.  मान सिंह रावत निर्दलीय
  38.  ईश्वर टेहलवाणी कांग्रेस
  39.  सीमा कांग्रेस
  40.  ज्योति मिश्रा भाजपा
  41.   सुनील सिंह भाजपा
  42.  संदीप माखीजानी भाजपा
  43.  काजल कांग्रेस
  44.   पुष्पा राजोरिया कांग्रेस
  45.   ऋषि बंसल कांग्रेस
  46.  हेमंत साहू भाजपा
  47.  शशि Gadwal कांग्रेस
  48.   निर्मल बैरवाल कांग्रेस
  49.  धनश्याम वर्मा निर्दलीय
  50.   चंदन सिंह कांग्रेस
  51.  चंद्रकांत पारीवाल कांग्रेस
  52.   सतीश बैरवा कांग्रेस
  53.  कैलाश कोमल निर्दलीय
  54.   प्रीति धानका कांग्रेस
  55.   विनोद आसवानी कांग्रेस
  56.  सुनील गुर्जर निर्दलीय
  57.  किरण कांग्रेस
  58.   मनीष सेठी कांग्रेस
  59.  बबीता कांग्रेस *
  60.  भावना चौहान कांग्रेस
  61.  मीनाक्षी मेघवाल कांग्रेस
  62.   पुष्पा ज़ैदीया कांग्रेस
  63.  उदयवीर सिंह भाजपा
  64.  आशा तूनवाल कांग्रेस
  65.  नोरत गुर्जर कांग्रेस
  66.  गणेश चोहान कांग्रेस
  67.   नलिनी शर्मा भाजपा
  68.  अनिश् मोयलभाजपा
  69.   निहारिका त्रिपाठी भाजपा
  70.  उमा पंडित भाजपा
  71.   रितु रानी भाजपा
  72.  अन्नूश्री भाजपा
  73.  गंगाराम सोनीभाजपा
  74.  रुबी जैन निर्दलीय
  75.   रमेश चलानी भाजपा 
  76.   सतीश बंसल भाजपा
  77.   विकास लालवानी भाजपा
  78.  हमीद चीता कांग्रेस
  79.  कुमार लालवानी भाजपा
  80.  कश्यपि सांखला भाजपा

ये भी पढ़ेंः  राजस्थान निकाय चुनाव में BJP ने गाड़े झंडे, पीछे रह गई कांग्रेस; CM भजनलाल को दिल्ली बुलाया गया

 

 

रिपोर्टः राजकुमार वर्मा, अजमेर 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। राजस्थान से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।