जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर लोगों को सुशासन देने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हकीकत के आधार पर फैसले करने चाहिए तभी वह सुशासन देने में कामयाब होंगे।’ उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार है और वह समय आने पर केंद्र में सत्तारूढ़ लोगों को सबक सिखाएगी। गहलोत ने कहा कि देश में घुटन का माहौल बन गया है, जिसे दूर करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को पहल करनी चाहिए।
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केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल पर भी बोले गहलोत
केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा विभिन्न जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को डराने-दबाने के लिए किए जाने के उनके आरोप के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा,‘पूरे देश में जहां-जहां चुनाव होता है वहां ये तो इनका एजेंडा है। जहां जहां चुनाव होते है वहां सीबीआई, आयकर विभाग, ईडी के अधिकरियों को यही संदेश जाते हैं कि किस प्रकार से आपको चुन-चुन वहां मैसेज देना है ताकि वहां लोग घबरा जाएं। ये इनकी टैक्टिक्स (हथकंडा) है।’ गहलोत ने बीजेपी का नाम लिए बिना कहा, ‘जब से ये चुनाव जीतकर आए हैं, यह नई परंपरा शुरू कर दी है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। फिर लोगों में भय होता है और घुटन का माहौल बनता है।’
‘सरकार के प्रति विश्वास होगा तभी सुशासन होगा’
गहलोत ने कहा, ‘आज व्यापारी हो या उद्योगपति, ऐसा माहौल बन गया है। मोदी को चाहिए कि इस माहौल को दूर करें। लोकतंत्र में प्रेम मोहब्बत होगी, आपस में भाईचारा होगा, सरकार के प्रति विश्वास होगा तभी सुशासन होगा। मेरा मानना है कि इसमें यह केंद्र सरकार विफल हो रही हैं। चूंकि मोदी पीएम हैं तो सबसे बड़ी जिम्मेदारी उनकी है कि वे निगरानी करें और देखें कि हकीकत क्या है और हकीकत के आधार पर फैसले करने चाहिए तभी वह सुशासन देने में कामयाब होंगे। वरना समय आएगा लोग इनको सबक सिखाएंगे। इनको मालूम भी नहीं पड़ेगा। पहले भी ऐसा कई बार हो चुका है।’
‘यह जनता किसी को बख्शने वाली नहीं’
राजस्थान के सीएम ने कहा, ‘ऐसा कांग्रेस शासन में भी हो चुका है और बीजेपी के शासन में भी। वाजपेयी जी थे तब भी इंदिरा गांधी जैसी महान नेता चुनाव हार गईं। तो यह जनता किसी को बख्शने वाली नहीं। देश की जनता बहुत समझदार है। वह अनपढ़ या कम पढ़ी-लिखी हो सकती है लेकिन अक्ल, होशियारी में हिंदुस्तान की जनता का दुनिया में कोई मुकाबला नहीं।’ उन्होंने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसान आंदोलन को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में एक के बाद एक नौकरी लग रही हैं जबकि 2 करोड़ रोजगार का वादा करने वाले प्रधानमंत्री गायब हैं।