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सबसे कम उम्र की CA बनी राजस्थान की ये बेटी, महज इतनी उम्र में हासिल किया मुकाम

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Mar 05, 2026 10:45 am IST,  Updated : Mar 05, 2026 11:12 am IST

मेधावी छात्रा राजकुमारी पारीक ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। राजकुमारी पारीक ने सबसे कम उम्र में CA फाइनल परीक्षा पास की है। इस उपलब्धि के साथ ही वह देश की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गई हैं।

झुंझुनूं की राजकुमारी ने रचा इतिहास- India TV Hindi
झुंझुनूं की राजकुमारी ने रचा इतिहास Image Source : REPORTER INPUT

राजस्थान की शेखावाटी की धरती ने एक बार फिर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। झुंझुनूं की मेधावी छात्रा राजकुमारी पारीक ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) फाइनल परीक्षा पास कर देश की सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का गौरव हासिल किया है। उन्होंने यह उपलब्धि महज 19 वर्ष 126 दिन की आयु में हासिल कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर दिया।

टूटा पुराना रिकॉर्ड

इससे पहले देश की सबसे कम उम्र की महिला CA बनने का रिकॉर्ड मध्य प्रदेश के मुरैना की नंदिनी अग्रवाल के नाम दर्ज था, जिन्होंने लगभग 19 वर्ष 330 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। राजकुमारी पारीक ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही झुंझुनूं सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

झुंझुनूं से ही तय किया सफलता का सफर

राजकुमारी की सफलता की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण का अधिकांश सफर अपने गृह जिले झुंझुनूं से ही पूरा किया।

  • प्रारंभिक शिक्षा: झुंझुनूं में ही प्राप्त की।
  • CPT और CA इंटरमीडिएट: स्थानीय स्तर पर पूरी पढ़ाई।
  • आर्टिकलशिप: झुंझुनूं की प्रतिष्ठित फर्म G N A & Co. से पूरी की।

कठिन परीक्षा में कम उम्र में सफलता

चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षा को देश की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में से एक माना जाता है, जिसे इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) आयोजित करता है। इतनी कम उम्र में इस परीक्षा के सभी चरणों को पार करना राजकुमारी के कठिन परिश्रम, अनुशासन और मजबूत संकल्प का प्रमाण है।

छोटे शहर से बड़ा कीर्तिमान

राजकुमारी पारीक की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो छोटे शहरों से भी देश स्तर पर बड़े कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं। उनकी सफलता से न सिर्फ झुंझुनूं, बल्कि पूरा शेखावाटी अंचल गौरवान्वित महसूस कर रहा है और युवा पीढ़ी के लिए यह एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। राजकुमारी के पिता हेमंत कुमार पारीक अरुणाचल प्रदेश में मोटर पार्ट्स के व्यापारी हैं, जबकि माता सावित्री देवी गृहणी हैं।

(रिपोर्ट- अमित शर्मा)

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