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लव मैरिज करने पर हुई थी विक्रम की हत्या, 7 साल बाद मिला न्याय, कोर्ट में ही रो पड़े बुजुर्ग पिता

 Written By: Shakti Singh
 Published : Jul 16, 2026 10:32 pm IST,  Updated : Jul 16, 2026 10:32 pm IST

बहुचर्चित विक्रम हत्याकांड में अदालत ने 5 दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट का फैसला आने के बाद विक्रम के पिता कोर्ट में ही रो पड़े।

Murder- India TV Hindi
मृतक विक्रम (बाएं), आरोपी जोगेंद्र (दाएं) Image Source : REPORTER INPUT

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बहुचर्चित विक्रम हत्याकांड में करीब सात साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सेशन न्यायालय, चिड़ावा ने सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत के फैसले के साथ ही लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ित परिवार को राहत मिली।

अपर लोक अभियोजक मनोज बजाज ने बताया कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की जड़ एक लव मैरिज थी। मृतक विक्रम ने 15 मई 2018 को हमीरी निवासी अनिता देवी से प्रेम विवाह किया था। अनिता का जीजा जोगेंद्र इससे नाराज था। उसने अपने पिता इंद्राज, मां महेन्द्री देवी, पत्नी रचना देवी, भांजे जलेसिंह तथा रामसिंह निवासी हमीरी कलां के साथ मिलकर विक्रम की हत्या की योजना बनाई।

कॉलेज ग्राउंड से किया अपहरण

घटना 10 सितंबर 2019 की है। अभियोजन के अनुसार आरोपियों ने विक्रम का चिड़ावा कॉलेज ग्राउंड से अपहरण कर लिया। इसके बाद उसे अपने खेत में ले जाया गया, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर चोटों के कारण विक्रम की मौत हो गई। इस निर्मम हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद मृतक के पिता विद्याधर, जो RAC से सेवानिवृत्त जवान हैं, ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने गहन जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट न्यायालय में पेश की।

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट का फैसला

लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने प्रस्तुत किए। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अपर सेशन न्यायालय, चिड़ावा ने जोगेंद्र, महेन्द्री देवी, रचना देवी, जलेसिंह और रामसिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास तथा 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में नामजद अंकित कस्वां पुत्र सत्यपाल निवासी नंदरामपुरा (मंड्रेला) को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। वहीं मुख्य आरोपी जोगेंद्र के पिता इंद्राज की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई।

पिता के छलक पड़े आंसू

यह मामला झुंझुनूं जिले के सबसे चर्चित हत्याकांडों में शामिल रहा। प्रेम विवाह की रंजिश में हुई इस हत्या ने उस समय पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। अब करीब सात वर्ष बाद आए अदालत के फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है। फैसला आते ही मृतक विक्रम के पिता के कोर्ट परिसर में ही आंसू छलक पड़े।

(झूंझुनूं से अमित शर्मा की रिपोर्ट)

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