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नगर पालिका चुनाव से पहले शिक्षा मंत्री के बहू-बेटे को झटका, वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का आवेदन खारिज, शिक्षित होने के बावजूद फॉर्म पर लगाया अंगूठा

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Aug 29, 2026 12:32 pm IST,  Updated : Aug 29, 2026 12:40 pm IST

बारां जिले की नवगठित अटरू नगर पालिका में चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर और बहू हेमलता दिलावर ने वार्ड नंबर 21 में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन एसडीएम ने जांच के बाद दोनों आवेदन खारिज कर दिए।

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अटरू नगरपालिका Image Source : REPORTER INPUT

बारां:  बारां जिले में पहली बार बनी अटरू नगर पालिका के चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर और बहू हेमलता दिलावर द्वारा वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए किए गए आवेदन को एसडीएम ने जांच के बाद खारिज कर दिया है।

रहते हैं कहीं और नाम कहीं और?

मामला अटरू नगर पालिका के वार्ड नंबर 21 का है। शिक्षा मंत्री और उनका परिवार रामगंजमंडी विधानसभा के रंगबाड़ी इलाके में रहते हैं। इसके बावजूद उनके बेटे-बहू ने 21 अगस्त को अटरू नगर पालिका के वार्ड-21 की भाग संख्या-1 में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। आवेदन में पता - मकान नंबर 10, बस स्टैंड के पास, अटरू लिखा था, जिसमें कांतिबाई का नाम दर्ज है, जो रिश्ते में उनकी ताई लगती हैं।

फॉर्म पर साइन की जगह अंगूठा लगाया

विवाद की सबसे बड़ी वजह आवेदन पर लगे अंगूठे के निशान हैं। शिक्षित होने के बावजूद दोनों ने फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं कर अंगूठा लगाया। बीएलओ ने बिना जांच-पड़ताल और बिना हस्ताक्षर करवाए ही नाम जोड़ने की अनुशंसा कर आवेदन एसडीएम को भेज दिया।

आवेदन एसडीएम अंजना सहरावत के पास पहुंचा तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने 5 सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच करवाई। कमेटी ने आवेदन में लिखे पते का मौका-मुआयना किया और आसपास के 5 मकानों के निवासियों के बयान लिए। सभी ने कहा कि पवन और उनकी पत्नी न तो पहले कभी यहां रहे हैं और न ही अभी रह रहे हैं। 

एसडीएम ने दोनों आवेदन निरस्त किए

जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने दोनों आवेदन निरस्त कर दिए। आदेश में एसडीएम ने स्पष्ट लिखा है कि - शिक्षा मंत्री के बेटे और बहू ने आवेदन पर साइन नहीं करके अंगूठा लगाया है, यह प्रमाणिकता और वास्तविकता के संबंध में संदेह उत्पन्न करता है। अटरू के वार्ड-21 में रहने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। उनकी ओर से केवल रंगबाड़ी का आधार कार्ड पेश किया गया है।

दरअसल, बारां जिले में अटरू पहली बार नगर पालिका बनी है और यहां चेयरमैन का पद एससी वर्ग के लिए रिजर्व है। चर्चा है कि इसी वजह से वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का आवेदन किया गया ताकि नगर पालिका चुनाव लड़ा जा सके। यहां से उनके चाचा कृष्ण मुरारी भी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। हालांकि पवन दिलावर ने चुनाव लड़ने की बात से इनकार किया है।

बता दें कि राजस्थान में 309 नगर निकायों में नामांकन जारी है, इसमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषदें और 248 नगर पालिकाएं शामिल हैं। सदस्य पदों के लिए दो चरण में चुनाव होंगे, जिसमें से पहले चरण का मतदान नौ सितंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को होगा। जयपुर नगर निकाय के चुनाव के लिए नामांकन प्रकिया में आम आदमी पार्टी ने बाजी मार ली है, जहां भाजपा और कांग्रेस ने अपने एक भी प्रत्याशी का नाम ऐलान नहीं किया है, वहीं आम आदमी पार्टी ने जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए अपने 11 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है।

रिपोर्ट- राम मेहता, बारां

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