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Rajasthan News: राजस्थान इंटेलिजेंस को मिली बड़ी कामयाबी, दिल्ली से धर-दबोचा एक और जासूस

 Reported By: Manish Bhattacharya Edited By: Akash Mishra
 Published : Aug 21, 2022 11:55 pm IST,  Updated : Aug 21, 2022 11:55 pm IST

Rajasthan News: पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) उमेश मिश्रा ने रविवार को बताया कि आरोपी भागचंद (46) तीन-चार साल से पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और उन्हें भारतीय मोबाइल नंबर एवं सिम कार्ड उपलब्ध करा रहा था।

राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा जासूसी के आरोप में पकड़ा गया शख्स- India TV Hindi
राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा जासूसी के आरोप में पकड़ा गया शख्स

Rajasthan News: राजस्थान इंटेलिजेंस ने भीलवाड़ा से जासूसी के आरोप में 14 अगस्त को गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर दिल्ली से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) उमेश मिश्रा ने रविवार को बताया कि आरोपी भागचंद (46) तीन-चार साल से पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। आरोपी उन्हें भारतीय मोबाइल नंबर एवं सिम कार्ड उपलब्ध करा रहा था। उन्होंने बताया कि आरोपी जासूसी की एवज में पेटीएम(Paytm) के जरिए मोटी रकम लेता था। 

पाकिस्तानी हैंडलर्स को देता था सिम कार्ड्स

पुलिस महानिदेशक(Director General of police) ने बताया कि जासूसी के मामले में भीलवाड़ा से नारायण लाल गाडरी (27) को 14 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि गाडरी विभिन्न मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड जारी करवाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को उपलब्ध कराता, जिनकी मदद से वे सोशल मीडिया अकाउंट चलाते थे। मिश्रा ने बताया कि फिलहाल judicial custody में बंद गाडरी ने पूछताछ के दौरान अपने साथी दिल्ली निवासी भागचंद के बारे में बताया। अधिकारी ने बताया कि गाडरी द्वारा जारी करवाए गए सिम कार्ड को भागचंद ने दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड स्थित खान मार्केट ट्रैवल्स ऑफिस में मंगावाया था। 

मसाले के पैकेट में सिम को छिपाकर पार्सल से भेजा

उन्होंने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर से मिली रकम से भागचंद ने भाटी माइंस से कीपैड वाला एक पुराना मोबाइल फोन खरीदा।  जिसके बाद नारायण द्वारा भेजे गए सिम कार्ड की मदद से ओटीपी(OTP) शेयर करके पाकिस्तान में भारतीय नंबर से सोशल मीडिया अकाउंट चलाने के लिए व्हाट्सएप और सिगनल एप डाउनलोड करवाए। उन्होंने बताया कि बाद में भागचंद ने उन सिम कार्ड को बच्चों के कपड़ों एवं एमडीएच मसाले के पैकेट में छिपाकर पार्सल से मुंबई भेजे। 

अधिकारी ने बताया कि भागचंद का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और 22 साल की उम्र में 1998 में भारत का वीजा प्राप्त करके वह पूरे परिवार के साथ दिल्ली आ गया। उन्होंने बताया कि 2016 में उसे भारत की नागरिकता मिल गई और वह दिल्ली में ही टैक्सी चलाने व मजदूरी का कार्य करने लगा, जबकि उसके रिश्तेदार और अन्य परिजन पाकिस्तान में रहते हैं, जिनके माध्यम से वह तीन-चार साल से पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था।

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