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Chaitra Navratri Saptami Upay: महासप्तमी के दिन जरूर करें ये उपाय, मां कालरात्रि हर परेशानी से दिलाएंगी छुटकारा

 Written By: Acharya Indu Prakash Edited By: Vineeta Mandal
 Published : Apr 03, 2025 05:16 pm IST,  Updated : Apr 03, 2025 05:16 pm IST

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन देवी कालरात्रि की उपासना करने से भक्तों के सभी दुख, तकलीफ और भय मिट जाते हैं।

चैत्र नवरात्रि 2025- India TV Hindi
चैत्र नवरात्रि 2025 Image Source : INDIA TV

Chaitra Navratri 7th Day Upay:  4 अप्रैल यानी शुक्रवार को चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है। इस दिन देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की उपासना की जाती है। नवरात्रि की सप्तमी तिथि को महासप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। मां कालरात्रि की पूजा करने से हर तरह के भय और शत्रुओं से छुटकारा मिलता है। साथ ही घर में सारी नकारात्मक शक्तियां भी दूर हो जाती हैं। इसके अलावा महासप्तमी के के दिन इन विशेष उपायों को करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि नवरात्रि के सातवें दिन क्या-क्या उपायों को करना चाहिए।

- अगर आपको बुरे सपने आते हो या सपने देखकर डर जाते है तो महासप्तमी के दिन आपको एक गोमती चक्र लेकर उसपर 'जय त्वं' का 21 बार जप करके। पलंग के पायें में चांदी के तार से बांध दें।

- अगर आपको लम्बे समय से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या चल रही है तो उससे छुटकारा पाने के लिए महासप्तमी के दिन से शुरू करके लगतार 42 दिनों तक 'जय त्वं देवि' मंत्र का 108 बार जप करना है। जप के बाद आकाश की ओर देखकर 11 बार कहें 'अच्युत, अनन्त, गोविन्द'। बता दें कि अस्वस्थ चल रहे व्यक्ति अगर ऐसा करने में समर्थ नहीं है तो परिवार का कोई भी सदस्य ऐसा कर सकता है।

- अगर आपके मुंह से ना चाहते हुए भी झूठ निकल जाता है तो नवरात्र में 250 ग्राम लौंग लेकर उस पर नित्य 'जय त्वं देवि' मंत्र का 5 माला जप करें। बाद में उसमें से 2 लौंग नित्य प्रातः 'जय त्वं देवि' पढ़ कर खा लें।

- अगर आपको ब्लड प्रेशर संबंधित समस्या है तो महासप्तमी के दिन 18 लौंग और कपूर के तीन टुकड़ों को अश्वगंधा के साथ मिलाकर माँ को आहुति दें। आहुति देने के लिए मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल करें। आहुति के बाद 5 कदम उलटे चलिए।

- अगर आप अपने दांपत्य जीवन में खुशहाली बनाये रखना चाहते है तो महासप्तमी के दिन बेल के तीन पत्तों पर अपने पति या पत्नी का नाम गोरोंचन हल्दी का घोल बनाकर मोर पंख की कलम से लिख कर चांदी की डिबिया में भर कर माता कालरात्रि के चरणों में रख दें।

- अगर आपके परिवार में किसी सदस्य के विवाह में अड़चनें आ रही हैं तो उससे छुटकारा पाने के लिए महासप्तमी के दिन सात केले, सात सौ ग्राम गुड और एक नारियल लेकर माता को अर्पित करें, नवमी को नारियल छ: बार, एक बार सीधा और एक बार उल्टा सर पर वार कर नदी में प्रवाहित कर दें, केला और गुड का भोग चन्द्रमा व सूर्य भगवान के लिए निकाल दें और उसी में से थोड़ा सा प्रसाद जिस सदस्य के विवाह में अड़चन आ रही है उसे ग्रहण करने को दें। बाकी बचे हुए केले व गुड गाय को खिला दें।

- अगर आप चाहते है की आपके साथ सब अच्छा हो और अपने सभी कार्य आपके मन मुताबिक हो तो महासप्तमी के दिन आपको नवरात्र की पूजा के बाद मां कालरात्रि का ध्यान करते हुए, उनके इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- ॐ कालरात्र्यै नम:।

- अगर आपके जीवन में हमेशा पैसों अभाव बना रहता है या आप अपनी आर्थिक स्थिति और बेहतर करना चाहते हैं, तो महासप्तमी के दिन मां कालरात्रि को गुड का भोग लगा कर प्रणाम करके, आसन पर बैठकर उनके इस मंत्र का दो माला यानि 216 जप करें। मंत्र है- ॐ यदि चापि वरो देयस्त्वयास्माकं महेश्वरि।। संस्मृता संस्मृता त्वं नो हिंसेथाः परमाऽऽपदः ॐ।

- अगर आप व्यापार में अपने विरोधियों को पछाड़ना चाहते है तो महासप्तमी के दिन देवी कालरात्रि के सामने गुग्गुल की धूप दिखाने के बाद पूरे घर में भी धूप दिखाएं । साथ ही उनके इस मंत्र का 108 बार जप करें। मंत्र है- ॐ ऐं सर्वाप्रशमनं त्रैलोक्यस्या अखिलेश्वरी। एवमेव त्वथा कार्यस्मद् वैरिविनाशनम् नमो सें ऐं ॐ।।

- अगर आप चाहते है कि आपके जीवन में खुशहाली बनी रही और परिवार के सभी सदस्यों में ताल-मेल बना रहे, तो महासप्तमी के दिन स्नान आदि के बाद माता कालरात्रि को जीरे का भोग लगाएं और लाल रंग के आसन पर बैठकर देवी कालरात्रि के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गति नाशिन्यै महामायायै स्वाहा।

- अगर आप हर क्षेत्र में सफलता पाना चाहते हैं तो महासप्तमी के दिन मिट्टी की एक दियाली में दो कपूर की टिकिया जलाकर देवी कालरात्रि के सामने रखें और उनके इस मंत्र का जप करें- ॐ ऐं यश्चमर्त्य: स्तवैरेभि: त्वां स्तोष्यत्यमलानने तस्य वि‍त्तीर्द्धविभवै: धनदारादि समप्दाम् ऐं ॐ। जप करने के बाद धूप को दोनों हाथों से लेकर अपनी आंखों पर लगाएं।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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