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Govardhan Puja 2025 Date And Time: गोवर्धन पूजा आज है या कल, जान लें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Oct 21, 2025 06:47 am IST,  Updated : Oct 21, 2025 08:25 am IST

Govardhan Puja 2025 Date And Time: गोवर्धन पूजा का त्योहार अमूमन दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है लेकिन कई बार तिथि में फेरबदल के कारण इस त्योहार की डेट एक दिन आगे भी बढ़ जाती है। जानिए इस साल गोवर्धन पूजा कब की जाएगी।

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गोवर्धन पूजा कब है Image Source : CANVA

Govardhan Puja 2025 Date And Time (गोवर्धन पूजा कब है 2025): गोवर्धन पूजा का त्योहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग गोवर्धन बनाकर उसकी पूजा करते हैं। अमूमन ये त्योहार दीवाली के अगले दिन पड़ता है लेकिन कभी-कभी दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच एक दिन का अन्तराल हो जाता है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। गोवर्धन पूजा का त्योहार भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र देव को पराजित किये जाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। जानिए इस साल गोवर्धन पूजा कब है।

गोवर्धन पूजा 2025 तिथि व मुहूर्त (Govardhan Puja 2025 Date And Time)

इस साल गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर 2025 को है। तो वहीं  गोवर्धन पूजा का प्रातःकाल मुहूर्त सुबह 06:30 से 08:47 बजे तक रहेगा। वहीं गोवर्धन पूजा का सायाह्नकाल मुहूर्त दोपहर 03:36 से 05:52 बजे तक रहेगा।

गोवर्धन पूजा की सामग्री (Govardhan Puja Samagri)

रोली, अक्षत, चावल, बताशा, नैवेद्य, मिठाई, खीर,सरसों के तेल का दीपक, फूल, दही, शहद, धूप-दीप, कलश, केसर, फूल की माला, कृष्ण जी की प्रतिमा या तस्वीर, गाय का गोबर गोवर्धन पर्वत की फोटो, गंगाजल, पान, गोवर्धन पूजा की कथा की किताब।

गोवर्धन पूजा विधि (Govardhan Puja Vidhi In Hindi)

गोवर्धन पूजा सुबह या शाम कभी भी कर सकते हैं। इस दिन गाय के गोबर से गोवर्धन महाराज की आकृति बनाई जाती है और फिर इसे फूलों से सजाया जाता है। बनाए गए गोवर्धन की नाभि पर एक मिट्टी का दीपक रखा जाता है और इस दीपक में दही, शहद, बताशे, दूध, गंगा जल आदि चीजें डाली जाती हैं। गोवर्धन पूजा के समय लोटे से जल गिराते हुए और जौ बोते हुए 7 बार परिक्रमा की जाती है। इस दिन गाय, बैल और खेती में काम आने वाले पशुओं की भी पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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