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धनतेरस और दिवाली पर जरूर करें कुबेर जी की आरती, यहां पढ़ें 'ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...' के संपूर्ण लिरिक्स

 Written By: Arti Azad
 Published : Nov 06, 2026 07:20 am IST,  Updated : Nov 06, 2026 07:20 am IST

भगवान कुबेर को धन और समृद्धि का अधिपति माना जाता है। धनतेरस और दिवाली पर उनकी पूजा के साथ आरती करने की परंपरा है। यहां पढ़िए भगवान कुबेर की 'ॐ जय यक्ष कुबेर हरे' आरती।

Kuber ji ki aarti, कुबेर जी की आरती- India TV Hindi
कुबेर जी की आरती Image Source : INDIA TV

धनतेरस और दिवाली के अवसर पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। भगवान कुबेर को धन-संपत्ति का रक्षक और देवताओं का कोषाध्यक्ष कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी पूजा और आरती करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। ऐसे में अगर आप भी धनतेरस या दिवाली पर भगवान कुबेर की आराधना करते हैं, तो यहां पढ़िए कुबेर जी के आराधना मंत्र और आरती के संपूर्ण लिरिक्स।

भगवान कुबेर के प्रभावशाली मंत्र

भगवान कुबेर को प्रसन्न करने और धन-समृद्धि की कामना के लिए धनतेरस और दिवाली पर पूजा के दौरान श्रद्धा पूर्वक उनके मंत्रों का जाप किया जाता है। 

  • ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
  • ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥

श्री कुबेर जी की आरती (Kuber Ji Ki Aarti) 

 
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।
शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...

शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े।
दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...

स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे।
योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...
 
गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे।
दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...
 
भाँति-भाँति के व्यंजन बहुत बने, स्वामी व्यंजन बहुत बने।
मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...
 
बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े
अपने भक्त जनों के, सारे काम संवारे॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...
 
मुकुट मणी की शोभा, मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले।
अगर कपूर की बाती, घी की जोत जले॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...
 
यक्ष कुबेर जी की आरती, जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत प्रेमपाल स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...

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