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Mahakumbh: महाकुंभ 2025 में स्नान के लिए ये हैं 10 प्रमुख तिथियां, इन दिनों में स्नान करने से होगी पुण्य फलों की प्राप्ति

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Dec 20, 2024 05:39 pm IST,  Updated : Jan 09, 2025 12:54 pm IST

Mahakumbh 2025: महाकुंभ का मेला साल 2025 में प्रयागराज में आयोजित किया जा रहा है। महाकुंभ में स्नान की प्रमुख तिथियों के बारे में आज हम आपको अपने इस लेख में जानकारी देंगे।

Maha Kumbh 2025- India TV Hindi
महाकुंभ 2025 Image Source : INDIA TV

Kumbh Mela 2025: महाकुंभ मेले का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। साल 2025 में प्रयागराज में कुंभ मेले का आयोजन हो रहा है। यह मेला 12 साल में एक बार लगता है, इसलिए महाकुंभ की अहमियत और भी अधिक बढ़ जाती है। महाकुंभ में स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। माना जाता है कि, अपने जीवनकाल में जो भी व्यक्ति महाकुंभ मेले में स्नान कर लेता हैं, उसे मोक्ष की भी प्राप्ति होती। कुंभ भारत ही न ही नहीं पूरे विश्व भर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है। कुंभ मेले में करोड़ों की संख्या में लोग स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ 2025 की प्रमुख तिथियां कौन-कौन सी हैं। 

महाकुंभ 2025 की प्रमुख तिथियां

  • पौष पूर्णिमा 13 जनवरी 2025
  • माघ कृष्ण एकादशी 25 जनवरी, 2025
  • माघ कृष्ण त्रयोदशी 27 जनवरी, 2025
  • माघ शुक्ल सप्तमी (रथ सप्तमी)-4 फरवरी, 2025
  • माघ शुक्ल अष्टमी (भीष्माष्टमी) 5 फरवरी, 2025
  • माघ शुक्ल एकादशी (जया एकादशी) -8 फरवरी, 2025
  • माघ शुक्ल त्रयोदशी (सोम प्रदोष व्रत) - 10 फरवरी, 2025 
  • माघ पूर्णिमा, 12 फरवरी, 2025
  • फाल्गुन कृष्ण एकादशी, 24 फरवरी, 2025
  • महाशिवरात्रि, 26 फरवरी, 2025

शाही स्नान

  • माघ कृष्ण प्रतिपदा मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025- महाकुंभ (प्रथम) शाही स्नान तिथि  
  • माघ (मौनी) अमावस्या -29 जनवरी, 2025- महाकुंभ षष्ठ स्नान (द्वितीय) प्रमुख शाही स्नान
  • माघ शुक्ल पंचमी (बसंत पंचमी)-2 फरवरी, 2025- महाकुंभ सप्तम स्नान, (तृतीय) (अंतिम) शाही स्नान 

महाकुंभ से जुड़ी रोचक बातें

महाकुंभ को धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से दुनिया का सबसे बड़ा मेला कहा जाता है। भारत में केवल 4 स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में ये मेला लगता है। महाकुंभ के दौरान नागा साधु सबसे पहले स्नान करते हैं। माना जाता है कि, महाकुंभ में स्नान करने के बाद व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उसे ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। महाकुंभ मेले में जितने श्रद्धालु एक दिन में शामिल होते हैं, उतने किसी भी धार्मकि आयोजन में नहीं होते। महाकुंभ के स्थान का चयन सूर्य, गुरु और चंद्रमा की स्थियों को देखकर किया जाता है। सैकड़ों वर्षों से महाकुंभ का मेला निरंतर आयोजित किया जा रहा। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।) 

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