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नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ? जानिए सही नियम और इनसे जुड़े शुभ-अशुभ संकेत

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Oct 10, 2026 04:48 pm IST,  Updated : Oct 10, 2026 04:48 pm IST

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ ही जौ बोने की भी परंपरा है। हिंदू धर्म में नवरात्रि के दिन जौ बोना अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। तो अगर आप भी जौ बोने वाले हैं तो इन नियमों का जरूर ध्यान रखें।

नवरात्रि में जौ बोने का नियम और महत्व- India TV Hindi
नवरात्रि में जौ बोने का नियम और महत्व Image Source : CANVA

11 अक्टूबर  से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना और अखंड दीपक जलाया जाता है। इसके अलावा नवरात्रि के पहले दिन जौ या ज्वार बोने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जौ बोने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के समय जौ की सबसे पहले पूजा की जाती है और उसे कलश में भी स्थापित किया जाता है। तो आइए जानते हैं नवरात्रि में जौ बोने के नियम और इससे मिलने वाले संकेतों के बारे में। साथ ही यहां जानिए कि नवरात्रि के 9 दिनों तक देवी मां को क्या भोग लगाएं।

नवरात्रि में जौ बोने का सही नियम

  • जौ बोने के लिए एक साफ और शुद्ध मिट्टी का बर्तन लें। फिर इसमें शुद्ध मिट्टी डाल दें। 

  • इसके बाद मिट्टी में  जौ के दाने को अच्छी तरह से फैला दें। 

  • जौ डालने के बाद इसके ऊपर थोड़ी सी मिट्टी डाल दें फिर हल्के हाथों से थोड़ा पानी डालें।

  • नवरात्रि के हर दिन इसमें थोड़ा-थोड़ा साफ जल डालें। जल की मात्रा अधिक न रखें वरना जौ के बीज खराब होने लगेंगे।

  • जौ अच्छी तरह अंकुरित हो इसके लिए नवरात्रि से एक रात पहले ही जौ के कुछ दाने भिगोकर रख दें। 

  • कलश स्थापना के ठीक सामने या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में जौ का पात्र रखना सबसे शुभ माना जाता है।

  • जौ वाले पात्र को कलश स्थापना के ठीक सामने या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रखना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।

नवरात्रि में बोए गए जौ से जुड़े शुभ और अशुभ संकेत

  • जौ का रंग काला या पीला पड़ना- नवरात्रि में बोए गए जौ का रंग अगर काला या पीला पड़ गया है तो यह शुभ संकेत नहीं माना जाता है। जौ का इन रंगों का होना आर्थिक हानि का संकेत देता है।

  • जौ का आकार- जौ छोटे या कम अंकुरित हुए हैं तो ये भी शुभ संकेत नहीं होता है। इसके अलावा जौ अगर अच्छे से नहीं बढ़ रहा है या टेढ़ा-मेढ़ा बढ़ रहा है तो यह भी अच्छा नहीं माना जाता है।

  • देरी से उगना या कम उगना- अगर नौ दिन बीत जाने के बाद भी जौ बहुत कम उगें या बिल्कुल न उगें हो तो इसे अशुभ माना जाता है। 

  • जौ का अच्छे से अंकुरित होना- नवरात्रि में बोए गए जौ अगर अच्छे से अंकुरित और विकसित हुए हैं तो यह शुभ संकेत माना जाता है। जौ अच्छे से बढ़ना घर में समृद्धि और संपन्नता का संकेत होता है।

  • हरे-भरे जौ- अगर आपका जौ एकदम हरा है या आधा सफेद है तो यह शुभ संकेत माना जाता है। आपके घर पर देवी मां की कृपा बनी रहेगी।

  • जौ का अच्छे से बढ़ना- नवरात्रि में बोए गए जौ अगर अच्छे से बढ़ रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपको आर्थिक लाभ मिलेगा। 

  • जौ का लंबा और सीधा बढ़ना-जौ लंबे और सीधे बढ़ रहे हैं तो यह अच्छे स्वास्थ्य काम में सफलता और घर में शांति का संकेत होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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