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नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय न करें ये गलतियां, जानें सही नियम और मां दुर्गा की आराधना का महत्व

 Written By: Arti Azad
 Published : Oct 11, 2026 12:00 am IST,  Updated : Oct 11, 2026 12:00 am IST

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा की उपासना के कई तरीके हैं, लेकिन दुर्गा सप्तशती का पाठ इनमें खास स्थान रखता है। जानिए इस पवित्र ग्रंथ से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें और घर पर पाठ करते समय किन परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए।

Durga Saptashati path, दुर्गा सप्तशती पाठ- India TV Hindi
दुर्गा सप्तशती पाठ करने की विधि Image Source : PINTEREST

शारदीय नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना के लिए विशेष महत्व रखती है। इन नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष महत्व रखता है। इसका पाठ करने से साधक को आत्मबल, मानसिक शांति और सकारात्मकता की अनुभूति होती है। हालांकि, पाठ करते समय पूजा की तैयारी से लेकर मंत्रों और अध्यायों के क्रम तक कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। यहां जानिए दुर्गासप्तशती के पाठ करने के नियम और इसे पढ़ने के क्या फायदे मिलते हैं। 

दुर्गा सप्तशती क्या है?

दुर्गा सप्तशती संस्कृत का एक प्रमुख धार्मिक ग्रंथ है, जो मार्कंडेय पुराण का हिस्सा है। इसे देवी माहात्म्य और चंडी पाठ के नाम से भी जाना जाता है। इस ग्रंथ में 13 अध्याय और लगभग 700 श्लोक हैं, इसलिए इसे सप्तशती कहा जाता है। इसमें देवी दुर्गा की महिमा और दुष्ट शक्तियों पर उनकी विजय का वर्णन मिलता है। 

  1. पूजा स्थल की सफाई: घर में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से पहले पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ कर लें। ऐसा पाठ से एक शाम पहले या उसी दिन सुबह किया जा सकता है। इससे पूजा की तैयारी समय पर हो जाती है और पाठ के दौरान जल्दबाजी नहीं करनी पड़ती।
  2. स्नान और स्वच्छ वस्त्र: पाठ आरंभ करने से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। धार्मिक परंपराओं में पूजा के समय शारीरिक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके बाद मां दुर्गा की तस्वीर के सामने स्वच्छ आसन बिछाकर देवी का ध्यान करें।
  3. दुर्गा कवच से करें शुरुआत: दुर्गा सप्तशती के पाठ से पहले दुर्गा कवच पढ़ने की परंपरा बताई जाती है। इसके बाद निर्धारित क्रम में पाठ करना चाहिए। पाठ के दौरान मां दुर्गा के स्वरूप का ध्यान रखें और श्रद्धापूर्वक श्लोकों का उच्चारण करें।
  4. दीपक और आरती का महत्व: मां दुर्गा की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। अपनी सुविधा और पूजा की व्यवस्था के अनुसार दीपक का ध्यान रखें। पाठ पूरा होने के बाद मां दुर्गा की आरती करें और पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
  5. भोग और प्रसाद: आरती के बाद मां दुर्गा को फल, मिठाई या बताशे का भोग लगाया जा सकता है। इसके बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य श्रद्धालुओं में बांटें। देवी से परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना करें।
  6. शुद्ध उच्चारण: ध्यान रखें कि ये पाठ करते समय शुद्ध उच्चारण, श्रद्धा और अपनी परंपरा के अनुसार विधि का पालन करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

दुर्गा सप्तशती पाठ के लाभ

  1. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। 
  2. इसे कठिन परिस्थितियों में साहस बनाए रखने और सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम भी माना जाता है। 
  3. श्रद्धालु मां दुर्गा की कृपा और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना से इस पाठ को करते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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