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शारदीय नवरात्रि क्यों मनाई जाती है? चैत्र नवरात्रि से कितनी अलग है पूजा, जानें दोनों का धार्मिक महत्व

 Written By: Arti Azad
 Published : Oct 10, 2026 06:26 pm IST,  Updated : Oct 10, 2026 06:26 pm IST

एक नवरात्रि से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है, तो दूसरी में दुर्गा पूजा और विजयादशमी का विशेष महत्व है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा समान रूप से होती है, लेकिन दोनों पर्वों से जुड़ी परंपराएं और मान्यताएं इन्हें एक-दूसरे से अलग बनाती हैं। चलिए जानते हैं कैसे...

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शारदीय और चैत्र नवरात्रि एक-दूसरे से कैसे है अलग? Image Source : PINTEREST

सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। वैसे तो साल में 4 नवरात्रियां आती है, लेकिन सभी एक-दूसरे से अलग हैं। आज हम बात करेंगे शारदीय नवरात्रि, चैत्र नवरात्रि से कितनी अलग है। वैसे तो दोनों में ही मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है, लेकिन शारदीय नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि दोनों में अंतर है। इनके उद्देश्य, मान्यताओं और त्योहारों के समापन में अंतर है। ऐसे में जानिए शारदीय नवरात्रि क्यों मनाई जाती है और यह चैत्र नवरात्रि से किस तरह अलग है।

नौ दिवसीय का पर्व

नवरात्रि का अर्थ है नौ रातें। यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित है। साल में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ महीने में चार नवरात्रि आती हैं। इनमें साल में दो बार चैत्र और शारदीय नवरात्रि बड़े उत्साह से मनाई जाती हैं, जबकि आषाढ़ और माघ की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।

क्यों मनाई जाती है शारदीय नवरात्रि?

शारदीय नवरात्रि आश्विन महीने में मनाई जाती है। इसकी शुरुआत मां दुर्गा की आराधना और नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक उत्सव के साथ होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा ने इसी समय महिषासुर का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था। नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है और दसवें दिन विजयादशमी या दशहरा मनाया जाता है। इस दौरान देश के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा, गरबा और दूसरे धार्मिक आयोजन होते हैं।

चैत्र नवरात्रि का महत्व

चैत्र नवरात्रि हिंदू नववर्ष की शुरुआत से जुड़ी है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा की आराधना के साथ व्रत और साधना करते हैं। नौवें दिन रामनवमी मनाई जाती है, जो भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में प्रसिद्ध है। इस वजह से चैत्र नवरात्रि में देवी शक्ति की उपासना के साथ भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम की भक्ति का भी विशेष महत्व है।

पूजा में क्या है अंतर?

दोनों नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। हालांकि, चैत्र नवरात्रि में व्रत, साधना और आध्यात्मिक अनुशासन पर विशेष जोर दिया जाता है, जबकि शारदीय नवरात्रि में दुर्गा पूजा के साथ उत्सव और सामूहिक आयोजन भी बड़े स्तर पर होते हैं।

कहां कैसे मनाते हैं?

महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। वहीं, पश्चिम बंगाल में शारदीय नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा और गुजरात में गरबा की धूम रहती है।

मौसम

वहीं, मौसम के लिहाज से भी दोनों अलग हैं। चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में आती है, जबकि शारदीय नवरात्रि वर्षा ऋतु के बाद शरद ऋतु के आगमन के समय मनाई जाती है। दोनों पर्व भक्ति, शक्ति और नई शुरुआत का संदेश देते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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