Nirjala Ekadashi 2026 Puja Samagri List: हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह साल की सबसे बड़ी और कठिन एकादशी मानी जाती है। इस दिन श्री हरि के भक्त बिना अन्न और जल के उपवास रखते हैं। धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत रखने से पूरे साल की एकादशियों के बराबक फल मिलता है। इस बार निर्जला एकादशी गुरुवार के दिन पड़ रहा है इसलिए यह अत्यंत शुभ संयोग माना जा रहा है। गुरुवार और एकादशी दोनों ही दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। तो चलिए जानते हैं निर्जला एकादशी की पूजा में लगने वाले संपूर्ण सामग्री लिस्ट के बारे में।
निर्जला एकादशी पूजा सामग्री लिस्ट
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर
- पीले रंग के वस्त्र
- पीले रंग के फूल, चंदन, तुलसी दल, मौली (कलावा) और अक्षत
- धूप, दीपक, कपूर और घी
- पंचामृत ( दूध, दही, घी, शहद और चीनी मिलाकर बनाया जाता है)
- पंचमेवा और मिठाई
- मौसमी फल, केला, नारियल
- गंगाजल
- विष्णु सहस्रनाम की पुस्तक
- माता लक्ष्मी के लिए सुहाग की सामग्री (बिंदी, चूड़ी, सिंदूर,वस्त्र, काजल, आलता आदि)
निर्जला एकादशी के इन चीजों का भी करें दान
- जल से भरा कलश या मटका
- वस्त्र
- फल
- धन
- छाता
- शर्बत
- खरबूजा और आम
- हाथ का पंखा
- सत्तू और गुड़
निर्जला एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त और पारण का समय
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून को शाम 6 बजकर 12 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 25 जून को रात 8 बजकर 9 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। निर्जला एकादशी का पारण 26 जून को किया जाएगा। पारण के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 3 मिनट से सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।
एकादशी के दिन तुलसी से जुड़ी इस बात का रखें ध्यान
एकादशी के दिन तुलसी में जल चढ़ाना वर्जित होता है। इस दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए एकादशी का व्रत रखती हैं और जल अर्पित करने से उनका व्रत टूट सकता है। वहीं एकादशी के दिन तुलसी नहीं तोड़ा जाता है तो पूजा के लिए एक दिन पहले ही तुलसी दल तोड़कर रख लें। तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। विष्णु जी के भोग में भी तुलसी जरूर रखें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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