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Pana Sankranti 2026 Date: कल मनाई जाएगी पना संक्रांति, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Apr 13, 2026 01:20 pm IST,  Updated : Apr 13, 2026 02:25 pm IST

पना संक्रांति 14 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसे महा विषुव संक्रांति भी कहा जाता है। ओड़िसा में इस दिन को खुशी और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। तो आइए जानते हैं पना संक्रांति पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व के बारे में।

पना संक्रांति 2026- India TV Hindi
पना संक्रांति 2026 Image Source : FILE IMAGE

Pana Sankranti 2026: 14 अप्रैल को पना संक्रांति मनाई जाएगी। उड़िया नव वर्ष को पणा संक्रांति और महा बिसुबा संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है। इसे उड़िया कैलेण्डर के पहले दिन के रूप में मनाया जाता है। पना संक्रांति के दिन देवी-देवताओं की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। पना संक्रांति के अवसर पर शिव-शक्ति और हनुमान मंदिरों में दर्शन के लिए खास भीड़ रहती है। दरअसल, उड़िसा में पना संक्रांति के दिन हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। तो आइए जानते हैं पना संक्रांति पूजा मुहूर्त और विधि के बारे में।

पना संक्रांति पूजा विधि

  • पना संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। 
  • ओड़िया परंपरा में पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है।
  • स्नान के बाद घर के आंगन में तुलसी पौधा के ऊपर एक छोटा मिट्टी का बर्तन लटकाए और उसमें एक छोटा सा छेद करें, जिससे पानी की बूंदे लगातार तुलसी पर गिरती रहे।
  • पना संक्रांति पर गुड़, दही, छैना, केला और बेल के फल से एक विशेष पेय 'पना' बनाने का विधान है। इस पना को भगवान जगन्नाथ और तुलसी माता को अर्पित किया जाता है।
  • पना संक्रांति के दिन ओड़िसा में हनुमान जयंती मनाने की परंपरा है। ऐसे में इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और मंदिर जाकर बजरंगबली के दर्शन करें।
  • पना संक्रंति के दिन सूर्य देव को अर्घ्य जरूर दें।

पना संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त

14 अप्रैल 2026, मंगलवार को पना संक्रांति मनाई जाएगी। संक्रांति के दिन  सुबह 9 बजकर 31 मिनट सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। पणा संक्रान्ति का क्षण - 09:39 ए एम पर रहेगा। संक्रांति का महा पुण्य काल सुबह 7 बजकर 33 मिनट से सुबह 11 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। संक्रांति पुण्य काल सुबह 6 बजकर 22 मिनट से दोपहर 1 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।

पना संक्रांति महत्व

ओड़िया मान्यताओं के अनुसार,  पना संक्रांति के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन ओड़िसा में हनुमान जयंती धूमधाम के साथ मनाया जाता है।  पना संक्रांति के दिन बजरंगबली के साथ ही भगवान शिव, माता पार्वती, विष्णु जी और सूर्य देव की पूजा का खास महत्व होता है।  पना संक्रांति के दिन दान का भी विशेष महत्व है। इस दिन दान-पुण्य करने से धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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