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Vat Savitri Vrat 2026: पहली बार वट सावित्री व्रत रखने वाली महिलाएं न करें ये गलतियां, जरूर जान लें ये जरूरी नियम

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : May 13, 2026 11:19 pm IST,  Updated : May 13, 2026 11:19 pm IST

Vat Savitri Vrat 2026: अगर आप इस साल पहली बार वट सावित्री का व्रत रखने जा रही हैं तो इन बातों का खास ख्याल रखें। वरना आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा।

वट सावित्री व्रत 2026- India TV Hindi
वट सावित्री व्रत 2026 Image Source : INDIA TV

Vat Savitri Vrat 2026 Niyam: हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री का व्रत करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके पति दीर्घायु होते हैं। हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन महिलाएं  पति की लंबी आयु की कामना  के लिए वट सावित्री का व्रत रखती हैं। अगर आप इस साल पहली बार यह व्रत करने जा रही हैं तो इन बातों और नियमों का खास ध्यान रखें। वरना आपको वट सावित्री व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा। तो आइए जानते हैं कि पहली बार वट सावित्री व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं को क्या सावधानी बरतनी चाहिए और किन नियमों का पालन करें।

पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान

  1. इन रंगों के कपड़े न पहनें: वट सावित्री व्रत के दिन भूलकर भी नीला, काला, सफेद और ग्रे जैसे अशुभ रंगों के कपड़े न पहनें। इस दिन शुभ और सुहाग का रंग लाल, पीला, गुलाबी जैसे रंगों का इस्तेमाल करें। इन्हीं रंगों के कपड़े पहनें। श्रृंगार की चीजों में भी इन रंगों ( नीला, काला, सफेद और ग्रे)  का उपयोग न करें।

  2. 16 श्रृंगार करें: वट सावित्री का पर्व सुहागिनों के लिए होता है। ऐसे में इस दिन पूरा सोलह श्रृंगार करें और फिर पूजा का आरंभ करें।

  3. साफ-सफाई का रखें ध्यान: वट सावित्री के दिन बरगद पेड़ की पूजा की जाती है। ऐसे में इस दिन  बरगद पेड़ के आसपास वाली जगह को अच्छे से साफ करें। इसके बाद गंगाजल छिड़कर कर शुद्ध करें। सफाई के बाद ही पूजा आरंभ करें।

  4. सुबह स्नान करें: वट सावित्री के दिन प्रात:काल ही उठकर स्नान आदि कर साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। इसके बाद तैयार होकर सूर्य देव को जल से अर्घ्य दें और व्रत का संकल्प लें। 

  5.  पूजा सामग्री: आप पहली बार वट सावित्री का व्रत रख रही हैं इसलिए पूजा सामग्री का विशेष ध्यान रखें।  पूजा में बांस का पंखा, कच्चा सूत, भीगे हुए चने,  सोलह श्रृंगार की सामग्री आदि चीजें जरूर रखें।

  6. बरगद पेड़ की परिक्रमा: वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। पूजा के दौरान पेड़ की परिक्रमा जरूर करें और परिक्रमा करते समय कच्चा सूत अवश्य लपेटें। परिक्रमा 5, 7, 11 या 108 बार करें।

  7. व्रत कथा सुनें: सावित्री और सत्यवान की कथा के बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। यदि आप पहली बार व्रत कर रही हैं, तो वट सावित्री व्रत की कथा जरूर सुनें। फिर पूजा के बाद सावित्री माता और यम देवता से अपने पति की लंबी आयु की कामना करें। 

  8. दान करें: वट सावित्री की पूजा के बाद अपनी सासु मां को पैसे देकर उनका आशीर्वाद लें। वहीं पूजा सामग्री किसी ब्राह्मण को दान करें दें। 

  9. क्रोध और वाद-विवाद: व्रत के दौरान मन को शांत रखें। किसी भी प्रकार के विवाद या नकारात्मक सोच से पूजा का फल कम हो जाता है।

वट सावित्री व्रत 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त

  • वट सावित्री व्रत तारीख- 16 मई 2026, शनिवार
  • अमावस्या तिथि प्रारम्भ - मई 16, 2026 को 05:11 ए एम बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त - मई 17, 2026 को 01:30 ए एम बजे

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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