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अहोई अष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा 1 या 2 नवंबर? नोट कर लें सही तारीख, पूजा मुहूर्त और महत्व

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Oct 30, 2026 10:42 am IST,  Updated : Oct 30, 2026 10:44 am IST

अहोई अष्टमी का व्रत संतानों की कुशलता और खुशहाल जीवन की कामना से रखा जाता है। हर साल यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ता है। जानिए इस साल यह व्रत कब रखा जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

ahoi ashtami 2026 date- India TV Hindi
अहोई अष्टमी कब है 2026 Image Source : INDIA TV

अहोई अष्टमी का व्रत माताओं द्वारा संतान की लंबी आयु और खुशहाल जीवन की कामना से रखा जाता है। यह व्रत सूर्योदय से शुरू होता है और तारों को अर्घ्य देकर इसका समापन किया जाता है। वहीं कुछ महिलाएं इस व्रत का पारण चंद्रमा को अर्घ्य देकर करती हैं। पंचांग अनुसार इस साल अहोई अष्टमी की तिथि का प्रारंभ 1 नवंबर 2026 की दोपहर 2 बजकर 51 मिनट पर होगा और इसका समापन 2 नवंबर 2026 की दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर होगा। जानिए उदया तिथि के अनुसार अहोई अष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा और पूजा का मुहूर्त क्या रहेगा।

अहोई अष्टमी 2026 तारीख और पूजा मुहूर्त

अहोई अष्टमी 1 नवंबर 2026, रविवार
पूजा मुहूर्त 05:36 PM से 06:54 PM
तारों को देखने के लिये सांझ का समय  06:00 PM
अहोई अष्टमी के दिन चन्द्रोदय समय  11:40 PM
अष्टमी तिथि प्रारम्भ 01 नवम्बर 2026 को 02:51 PM बजे
अष्टमी तिथि समाप्त 02 नवम्बर 2026 को 01:10 PM बजे

अहोई अष्टमी व्रत का महत्व

अहोई अष्टमी के दिन मातायें अपनी संतानों की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रहती हैं। इस व्रत का पारण मुख्य रूप से सायाह्नकाल में तारों को देखने के बाद किया जाता है। यह व्रत करवा चौथ के चार दिन बाद और दिवाली से आठ दिन पहले पड़ता है। इस व्रत को अहोई आठें के नाम से भी जाना जाता है। 

अहोई अष्टमी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

  • अहोई अष्टमी पर व्रती महिलाओं को धारदार चीजों जैसे चाकू, कैंची आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। 
  • इस दिन माताओं को मिट्टी से संबंधित कोई कार्य नहीं करना चाहिए। 
  • इस दिन संतान को किसी तरह के अपशब्द न बोलें।
  • व्रती महिलाओं को इस दिन सोना नहीं चाहिए। 
  • अहोई अष्टमी के दिन तारों को अर्घ्य देते समय तांबे के कलश का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • अहोई अष्टमी की पूजा के बाद सात्विक भोजन करना चाहिए। 
  • इस दिन काले वस्त्र धारण न करें। 

अहोई अष्टमी व्रत के फायदे

  • इस व्रत को रखने से संतानों को दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
  • मान्यता ये भी है कि इस व्रत को करने से परिवार में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।
  • मान्यता है कि जो महिला इस व्रत को विधि विधान से रखती है उसकी संतान पर कोई बड़ा संकट नहीं आता।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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