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Akshaya Tritiya Abujh Muhurat: अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त, जानिए क्या है इस दिन बिना पंचाग देखे शुभ कार्य करने का रहस्य

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Apr 09, 2026 10:20 pm IST,  Updated : Apr 09, 2026 10:20 pm IST

Akshaya Tritiya Kyu Hai Abujh Muhurat: अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, इसलिए इस दिन बिना पंचांग देखे विवाह, खरीदारी और नए काम की शुरुआत करना शुभ होता है। इस दिन किए गए हर अच्छे कार्य का फल कभी खत्म नहीं होता।

Akshaya Tritiya Abujh Muhurat- India TV Hindi
अक्षय तृतीया को क्यों माना जाता है अबूझ मुहूर्त Image Source : FREEPIK

Akshaya Tritiya Kyu Hai Abujh Muhurat: अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक बेहद शुभ और पवित्र पर्व माना जाता है, जिसे सुख, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक कहा जाता है। साल 2026 में यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन की सबसे खास बात यह है कि इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती। लोग इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी और नए काम की शुरुआत करने को बेहद शुभ मानते हैं। चलिए जानते हैं आखिर क्यों इस तिथि को अबूझ मुहूर्त माना जाता है।  

अक्षय तृतीया की तिथि और महत्व

पंचांग के अनुसार वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनाई जाती है। ‘अक्षय’ का अर्थ होता है जो कभी समाप्त न हो। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल जीवनभर बना रहता है और लगातार बढ़ता है।

क्या होता है अबूझ मुहूर्त

सनातन परंपरा में हर शुभ कार्य के लिए मुहूर्त देखना जरूरी माना जाता है। लेकिन कुछ विशेष दिन ऐसे होते हैं जब पूरे दिन को ही शुभ माना जाता है। इन्हें अबूझ मुहूर्त या स्वयंसिद्ध मुहूर्त कहा जाता है। इस दिन किसी भी काम के लिए अलग से शुभ समय देखने की जरूरत नहीं होती।

अक्षय तृतीया क्यों है खास

अक्षय तृतीया को सबसे महत्वपूर्ण अबूझ मुहूर्त माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए हर अच्छे कार्य का फल कभी खत्म नहीं होता और जीवनभर बढ़ता रहता है। इस दिन पूरा समय शुभ रहता है। यही वजह है कि लोग बिना किसी ज्योतिषीय गणना के विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद और सोना खरीदने जैसे कार्य करते हैं।

विवाह और नए कार्यों के लिए शुभ दिन

यह तिथि उन लोगों के लिए भी खास मानी जाती है, जिनकी कुंडली में ग्रह दोष या अन्य कारणों से शादी में देरी हो रही हो। इस दिन बिना मुहूर्त देखे विवाह, सगाई, नामकरण और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। साथ ही नया बिजनेस या काम शुरू करने के लिए भी यह दिन बहुत शुभ होता है।

दान पुण्य और खरीदारी का महत्व

अक्षय तृतीया के दिन दान-पुण्य, जप-तप और यज्ञ करने से विशेष फल मिलता है। इस दिन सोना खरीदने की परंपरा भी काफी लोकप्रिय है, जिसे धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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