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बिना भाई या बहन के कैसे मनाएं रक्षाबंधन? जानें किसे बांध सकते हैं राखी

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Aug 26, 2026 12:48 pm IST,  Updated : Aug 26, 2026 12:48 pm IST

रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ भाई-बहनों तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह पर्व मुख्य रूप से प्रेम, सुरक्षा और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है। अगर आपका कोई सगा भाई या बहन नहीं है, तो आपको बिल्कुल भी निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप इस पावन पर्व को अन्य अनमोल रिश्तों के साथ भी मना सकते हैं।

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कैसे मनाएं रक्षाबंधन? Image Source : INDIA TV

रक्षाबंधन का पावन पर्व 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहन को उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। लेकिन रक्षाबंधन पर एक सवाल जरूर उठता है कि जिनके कोई भाई या बहन नहीं है वो इस त्योहार को कैसे मनाएं? तो आपको बता दें कि ये त्योहार सिर्फ भाई-बहनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह त्योहार हर उस रिश्ते के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है, जो आपके सुरक्षित और सुखी जीवन की कामना करता है। तो चलिए जानते हैं कि अगर आपके भाई-बहन नहीं है तो आप कैसे रक्षाबंधन का त्योहार मना सकते हैं।

सगे भाई-बहन नहीं हैं तो ऐसे मनाएं राखी

  1. अगर आपका कोई भाई नहीं है तो आप भगवान कृष्ण को अपना भाई मानकर उन्हें राखी बांध सकती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रक्षाबंधन की शुरुआत भगवान कृष्ण से ही हुई थी। एक कथा के अनुसार एक बार युद्ध के समय श्रीकृष्ण की उंगली कट गई थी जिससे खून बहने लगा था। यह देखकर द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ा और उनकी उंगली पर बांध दिया। इससे श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को बहन मानकर आजीवन उनकी रक्षा करने का वचन दिया। 
  2. जिन लड़कों की कोई बहन नहीं है वो माता लक्ष्मी को अपनी बहन बानकर उनसे राखी बंधवा सकते है। इसके लिए आपको एक राखी लेनी है और उसे माता के चरणों में अर्पित करना है। फिर माता की पूजा के बाद इस राखी को अपने हाथ में बांध लेना है। आप माता को भेट स्वरूप चूड़ी, साड़ी या बिंदी अर्पित कर सकते हैं।
  3. सगे भाई-बहन न होने पर आप अपने कज़िन्स के साथ भी यह त्योहार मना सकते हैं।  
  4. जिन लोगों का परिवार ज्यादा बड़ा नहीं होता या फिर जो किसी कारण अपने दूर के भाई-बहनों के पास राखी बंधवाने नहीं जा पाते वे अपने माता-पिता के साथ ये त्योहार मनाते हैं। भाई न होने पर लड़की अपने पिता को राखी बांधती है, वहीं बहन न होने पर लड़का अपनी माता से राखी बंधवाता है। कई जगह पर तो भाई-बहन के साथ ही माता-पिता को भी राखी बांधने की परंपरा निभाई जाती है, क्योंकि माता-पिता से बड़ा रक्षक और शुभचिंतक कोई दूसरा नहीं होता। 
  5. जीवन में कई ऐसे दोस्त या पड़ोसी होते हैं जो सगे रिश्तों से भी बढ़कर हो जाते हैं। अगर आपका कोई भाई या बहन नहीं है तो आप उनके साथ यह पवित्र त्योहार मना सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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