Chaitra Navratri 2026 Upay: 26 मार्च को चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन है। इस दिन मां गौरी की उपासना की जाती है। नवरात्रि की अष्टमी तिथि को महाअष्टमी पूजा के नाम से भी जाना जाता है। महाअष्टमी के दिन देवी गौरी की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसके अलावा नवरात्र के दौरान संधिकाल में संधि पूजा का विशेष महत्व होता है। यह पूजा अष्टमी तिथि के समाप्त होने और नवमी तिथि के शुरू होने पर किया जाता है। दरअसल अष्टमी तिथि के आखिरी 24 मिनट और नवमी के पहले 24 मिनट को संधिकाल कहा जाता है। इसके अलावा महाअष्टमी के दिन इन खास उपायों को करने से समस्त समस्याओं का समाधान निकल जाता है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं महाअष्टमी के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में।
- सबसे पहले बात करते है दांपत्य रिश्ते में मधुरता लाने वाले माता के मंत्र की। मंत्र इस प्रकार है- विधेहि देवी कल्याणं विधेहि परमां श्रियम। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
- इसके अलावा लवमेट अपने रिश्ते को और मजबूत बनाना चाहते हैं तो महाअष्टमी के दिन दो जमुनिया रत्न लेकर उन्हें गंगाजल में डूबा दें और लगातार 11 दिनों तक इस गंगा जल का घर में छिड़काव करें। साथ ही माता के इस मंत्र का जप करें। मंत्र है- विधेहि देवी कल्याणं विधेहि परमां श्रियम। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
- अगर आपको मनचाहे वर या वधू से विवाह करने में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है तो महाअष्टमी के दिन आपको देवी दुर्गा को इलायची का भोग लगाना चाहिए। साथ ही देवी के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
- अगर आप अपने बिजनेस में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, अपने बिजनेस को दूर-दराज तक फैलाना चाहते हैं तो महाअष्टमी के दिन आपको स्नान आदि के बाद दुर्गा मां की विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए, कपूर से उनकी आरती करनी चाहिए और उसके बाद हलवे और उबले हुये चने का भोग लगाना चाहिए।
- अगर आप सुंदर, स्वस्थ काया और परम सुख की प्राप्ति करना चाहते हैं तो महाअष्टमी के दिन आपको स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर देवी दुर्गा जी को प्रणाम करना चाहिए। साथ ही दुर्गा जी के इस मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- देहि सौभाग्य मारोग्यं देहि मे परमं सुखम् रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषों जहि।
- अगर आपको किसी चीज़ का भय बना रहता है या आपको कोई नया काम शुरू करने से डर लगता है तो महाअष्टमी के दिन आपको देवी दुर्गा के मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्ति हारिणी। जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोस्तु ते।।
- अगर पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य को लेकर आपको कुछ परेशानी झेलनी पड़ रही है तो महाअष्टमी के दिन आपको मां दुर्गा को किसी भी पांच फलों का भोग लगाना चाहिए। साथ ही इस मंत्र का 5 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- ऊँ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते।।
- अगर आप अपने बच्चों के करियर को बेहतर गति देना चाहते हैं, आप चाहते हैं कि आपके बच्चे खूब तरक्की करें तो महाअष्टमी के दिन आपको देवी दुर्गा के आगे घी का दीपक जलाना चाहिए और देवी जी के इस खास मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- या देवी सर्व भूतेषु विद्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः।।
- अगर आप चाहते हैं कि आपकी सारी परेशानियों का हल चुटकियों में निकल जाये और आपको खूब धन-धान्य की प्राप्ति हो, इसके लिए महाअष्टमी के दिन आपको देवी दुर्गा जी के सामने कपूर जलना चाहिए और साथ की इस मंत्र का 5 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- सर्वा बाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
- अगर आपके परिवार में किसी प्रकार की परेशानी चल रही है, जिससे आपके घर की सुख-शांति गायब हो गई है तो इससे छुटकारा पाने के लिए महाअष्टमी के दिन आपको 2 कपूर और 12 लौंग लेकर एक गोबर के कंडे या उपले पर जलानी चाहिए।
- अगर आप अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं तो महाअष्टमी के दिन आपको स्नान के बाद देवी दुर्गा की विधि-पूर्वक धूप-दीप आदि से पूजा करनी चाहिए और पूजा के समय ही एक एकाक्षी नारियल लेकर, उस पर सात बार मौली लपेटकर देवी मां के सामने रखना चाहिए। पूजा के बाद उस एकाक्षी नारियल को वहां से उठाकर अपने पैसे रखने वाले स्थान पर रख लेना चाहिए।
- अगर आपको किसी भी काम को करने में कॉन्फिडेंस की कमी महसूस होती है, तो महाअष्टमी के दिन लाल चंदन को घिसकर अपने स्नान के पानी में डालकर नहाना चाहिए। साथ ही देवी दुर्गा के दर्शन करें।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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