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आज मनाया जा रहा है दीपों का उत्सव दीपावली का त्योहार, नोट कर लें शुभ मुहूर्त, प्रदोष काल और लक्ष्मी पूजन मंत्र

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Nov 08, 2026 12:28 pm IST,  Updated : Nov 08, 2026 12:28 pm IST

दिवाली के दिन प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा करने से धन, समृद्धि और संपन्नता की प्राप्ति होती है। तो यहां जानिए शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी पूजा मंत्र के बारे में।

दिवाली 2026- India TV Hindi
दिवाली 2026 Image Source : INDIA TV

आज देशभर में बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है। आज के दिन धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के पूजन का विशेष विधान है। धार्मिक मान्यता है कि दीवाली के दिन माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं और जिस घर में स्वच्छता, प्रकाश और भक्तिभाव रहता है वहां देवी मां की विशेष कृपा बरसती है। इसके अलावा विधिपूर्वक और शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर का भंडार सदैव धन-धान्य से भरा रहता है। तो यहां जानिए दिवाली पूजा के लिए सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी मंत्र के बारे में।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026

पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से 9 नवंबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट पर आरंभ होगा और समाप्त शाम 7 बजकर 50 मिनट पर होगा।

दिवाली 2026 प्रदोष मुहूर्त

प्रदोष काल आज शाम 5 बजकर 31 मिनट से रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। आपको बता दें कि लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल को अति उत्तम माना जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद प्रारंभ होता है और करीब 2 घंटे 24 मिनट तक रहता है। वहीं वृषभ काल शाम 5 बजकर 54 मिनट से शाम 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।  वृषभ लग्न को स्थिर माना जाता है और दीवाली के त्यौहार के दौरान यह अधिकतर प्रदोष काल के साथ अधिव्याप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि यदि स्थिर लग्न के दौरान लक्ष्मी पूजा की जाये तो लक्ष्मीजी घर में ठहर जाती हैं। इसीलिए लक्ष्मी पूजा के लिए यह समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। 

लक्ष्मी  पूजा मंत्र

  1. लक्ष्मी बीज मंत्र- ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥

  2. महालक्ष्मी मंत्र- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद, ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः॥

  3. लक्ष्मी गायत्री मंत्र- ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि, तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥

महालक्ष्मी पूजा  मंत्र

  • ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

  • महालक्ष्मी नमस्तुभ्यम्, नमस्तुभ्यम् सुरेश्वरि। हरिप्रिये नमस्तुभ्यम्, नमस्तुभ्यम् दयानिधे।।

  • पद्मालये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं च सर्वदे। सर्व भूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं।।

 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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