सनातन धर्म में कांच की चूड़ियां सौभाग्य और शुभता का प्रतीक होती है। ऐसे में जब कभी अचानक हाथ से गिरकर या फिर पहनने के दौरान चूड़ी टूट जाए, तो महिलाओं के मन में किसी अनहोनी को लेकर तरह-तरह की शंका होने लगती हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे लेकर कई तरह के संकेत बताए गए हैं। क्या वाकई इसका संबंध किसी अशुभ घटना से होता है? आइए जानते हैं कि कांच की चूड़ी टूटने के पीछे क्या मान्यताएं हैं।
महिलाओं के सोलह शृंगार में से एक
हिंदू परंपरा में सुहागिन महिलाओं के सोलह शृंगार का विशेष महत्व है। इनमें रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियां भी शामिल हैं, जिन्हें वैवाहिक सुख और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि जब चूड़ी अचानक टूट जाती है, तो कई महिलाओं के मन में शुभ-अशुभ को लेकर चिंता पैदा हो जाती है। तो चलिए जानते हैं ये फिक्र करने की बात है या नहीं।
क्या कहते हैं ज्योतिषी?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, कांच की चूड़ी का टूटना हमेशा अशुभ नहीं होता। यह घटना इस बात का संकेत मानी जाती है कि किसी संभावित संकट या नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव चूड़ी ने अपने ऊपर ले लिया और खुद टूट गई। ऐसे में इसे किसी बड़ी अनहोनी का संकेत मानने के बजाय टले हुए संकट के तौर पर भी देखा जाता है।
पुरानी मान्यताएं
वहीं, कुछ पारंपरिक मान्यताओं में सुहाग की चूड़ी का टूटना शुभ नहीं माना गया है। ऐसी मान्यता है कि यह वैवाहिक जीवन में तनाव, पारिवारिक परेशानियों या नकारात्मक ऊर्जा के बढ़ने का संकेत हो सकता है।
वैज्ञानिक नजरिया
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो कांच एक बेहद नाजुक पदार्थ होता है। घर के काम करते समय हल्का दबाव, किसी चीज से टकराना या तापमान में बदलाव जैसी वजहों से चूड़ी टूट सकती है। इसलिए इसे सामान्य घटना मानना अधिक व्यावहारिक माना जाता है।
टूटी चूड़ियों के साथ बरतें सावधानी
कांच की चूड़ी टूटने पर उसके छोटे-छोटे टुकड़े चोट पहुंचा सकते हैं। इसलिए उन्हें तुरंत सुरक्षित तरीके से साफ कर देना चाहिए। साथ ही बिना कोई ठोस कारण जाने घबराने के बजाय स्थिति को समझदारी और संतुलित सोच के साथ देखना बेहतर माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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