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Karwa Chauth 2026 Ganesh Ji Ki Katha: गणेश जी की कथा के बिना अधूरा है करवा चौथ व्रत, सुहागिनें जरूर पढ़ें यह पावन कहानी

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Oct 29, 2026 06:55 am IST,  Updated : Oct 29, 2026 06:55 am IST

क्या आप जानते हैं कि करवा चौथ के दिन वीरावती की कथा के अलावा गणेश जी की कथा पढ़ना भी अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। कहते हैं इस कथा को पढ़ने से इस व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो जाता है।

ganesh ji ki katha- India TV Hindi
गणेश जी की कथा Image Source : INDIA TV

आज करवा चौथ का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं करवा चौथ की कथा जरूर सुनती-सुनाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी कथा है जिसके बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। मान्यता है जो महिला इस पावन कथा को पढ़ती या सुनती है उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ये कथा हर तीज-त्योहार पर पढ़नी बेहद शुभ मानी जाती है। हम बात कर रहे हैं गणेश जी और बुढ़िया माई की कहानी के बारे में। चलिए जानते हैं ये कौन सी कथा है।

करवा चौथ पर पढ़ें गणेश जी की कथा

गणेश जी की कथा अनुसार, प्राचीन काल में एक अंधी बुढ़िया माई रहा करती थी जो प्रतिदिन गणेश जी की पूजा किया करती थी। उसका एक ही पुत्र था जिसका उसने विवाह कर दिया था।बुढ़िया का परिवार बहुत गरीबी में जीवन यापन कर रहा था। एक दिन बुढ़िया की भक्ति देखकर गणेश जी प्रसन्न हुए और उन्होंने उससे कोई वर मांगने के लिए कहा। बुढिया ने कहा कि मुझे मांगना नहीं आता तो कैसे और क्या मांगू मुझे समझ नहीं आ रहा। इस पर गणेश जी बोले बहू- बेटे से पूछकर मांग लो। तब बुढ़िया अपने पुत्र और वधु के पास गई तो बेटे ने अपनी मां से धन मांगने के लिए कहा और बहू ने पोता मांगने के लिए कहा।

तब बुढ़िया ने सोचा कि ये दोनों तो अपने-अपने मतलब की बातें कर रहे हैं। फिर बुढ़िया ने अपने पड़ोसियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि बुढ़िया तेरी अब थोड़ी सी जिंदगी बची है। तो तू क्यूं मांगे धन और पोता, तू तो केवल अपने नेत्र मांग ले जिससे तेजी बची हुई जिंदगी सुख से व्यतीत हो। बुढ़िया सभी की बातें सुनकर सोचने लगी कि क्यों न ऐसी चीज मांग लूं जिससे सभी का भला हो जाए। अगले दिन श्री गणेश जी फिर उनके घर पधारे तब बुढ़िया बोली, हे गणराज! यदि आप मुझसे प्रसन्न हैं तो मुझे नौ करोड़ की माया दें, निरोगी काया दें, अमर सुहाग दें, आंखों में प्रकाश दें, नाती पोते दें और समस्त परिवार को सुख दें। फिर अंत में मोक्ष दें।

इस पर गणेश जी बोले बुढ़िया माई तूने तो मुझे ठग लिया। पर जो कुछ तूने मांगा है मैं तुझे अवश्य दूंगा। गणेश जी की कृपा से बुढ़िया माई को सभी सुखों की प्राप्ति हुई। हे गणेश भगवान! जैसे बुढिया माई को आपने सब कुछ दिया वैसे ही सबको देना।

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