1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Karwa Chauth 2026 Vrat Katha LIVE: करवा चौथ पर जरूर पढ़ें वीरावती और सात भाइयों की यह पौराणिक कथा, यहां जानें पूजा और कथा का समय
  Live Now

Karwa Chauth 2026 Vrat Katha LIVE: करवा चौथ पर जरूर पढ़ें वीरावती और सात भाइयों की यह पौराणिक कथा, यहां जानें पूजा और कथा का समय

 Written By: Laveena Sharma
 Updated : Oct 29, 2026 08:07 am IST

Karwa Chauth Vrat Katha LIVE: करवा चौथ व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को विधि-विधान से पूजा कर इस पावन पर्व की कथा अवश्य सुनती या पढ़ती हैं। आइए जानते हैं करवा चौथ की संपूर्ण कथा यहां।

karwa chauth katha- India TV Hindi
करवा चौथ व्रत कथा Image Source : INDIA TV

Karwa Chauth Vrat Katha (वीरावती और सात भाइयों की कथा) LIVE: करवा चौथ की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! यदि आपने भी इस पावन अवसर पर करवा चौथ का व्रत रखा है और इसकी संपूर्ण कथा की तलाश कर रही हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आई हैं। सबसे पहले यह जान लें कि करवा चौथ की कथा हमेशा शाम के समय शुभ मुहूर्त में ही पढ़ी या सुनी जाती है। कथा सुनने से पहले माता करवा और गणेश जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके बाद हाथ में थोड़े से अक्षत लेकर इस पावन कथा को सुना या पढ़ा जाता है। आइए अब जानते हैं करवा चौथ के दिन पढ़ी जाने वाली वीरावती और सात भाइयों की संपूर्ण पौराणिक कथा।

करवा चौथ की कथा का टाइम 2026

29 अक्टूबर को करवा चौथ की कथा पढ़ने का समय शाम 05:38 से शुरू होकर शाम 06:56 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में विधि विधान से पूजा करें और साथ ही इस पावन कथा को सुनें। 

करवा चौथ व्रत कथा 

करवा चौथ की पावन कथा अनुसार, बहुत समय पहले की बात है। इन्द्रप्रस्थपुर नाम के एक शहर में वेदशर्मा नाम का एक ब्राह्मण रहा करता था। जिसका विवाह लीलावती नाम की स्त्री से हुआ था। उनके सात पुत्र और एक वीरावती नाम की गुणवान पुत्री थी। वीरावती अपने माता-पिता के साथ-साथ भाइयों की भी लाडली थी। बड़े होने पर उस कन्या की शादी एक उचित ब्राह्मण युवक से करा दी गई। शादी के बाद वीरावती जब अपने माता-पिता के यहां आई तब उसने अपनी भाभियों के साथ करवा चौथ का व्रत रखा। इस व्रत के दौरान वीरावती भूख से व्याकुल हो उठी। उसका मुरझाया चेहरा देख उसके भाई काफी परेशान हो गए। 

भाईयों ने बहन को चांद निकलने से पहले ही कुछ खाने के लिए कहा लेकिन बहन ने इसके लिए साफ मना कर दिया। बहन ने कहा कि वह चन्द्रमा के दर्शन किये बिना भोजन ग्रहण नहीं करेगी चाहे उसके प्राण ही क्यों ना निकल जायें। फिर सभी भाईयों ने मिलकर एक योजना बनाई जिससे उनकी बहन भोजन ग्रहण कर ले। उनमें से एक भाई घर से कुछ दूरी पर स्थित एक वट के वृक्ष पर हाथ में छलनी और दीपक लेकर चढ़ गया। फिर अन्य भाईयों ने उससे कहा कि देखो चन्द्रोदय हो गया है। 

भूख से व्याकुल वीरावती ने तुरंत ही दीपक को चन्द्रमा समझ अर्घ अर्पण कर अपना व्रत को तोड़ा। इसके बाद वीरावती ने जब भोजन करना प्रारम्भ किया तो उसे अशुभ संकेत मिलने लगे। पहला कौर लेते ही उसे उसमें बाल मिला, दूसरें में उसे छींक आई और तीसरे कौर में उसे अपने ससुराल से बुलावा आ गया। जब वो ससुराल पहुंची तो उसने देखा कि उसके पति की मृत्यु हो गई है। ये देख वीरावती जोर-जोर से रोने लगी। उसका विलाप सुनकर देवी इन्द्राणी उसके पास आई और सान्त्वना देने लगीं। 

वीरावती ने देवी इन्द्राणी से पूछा कि करवा चौथ के दिन ही उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। वीरावती का दुःख देखकर देवी इन्द्राणी ने उससे कहा कि उसने चन्द्रमा को अर्घ दिये बिना ही अपना व्रत तोड़ा था जिसके कारण उसके पति की मृत्यु हो गई। वीरावती को अपनी भूल का अहसास हुआ और वे अपने पति को जीवित करने की देवी इन्द्राणी से विनती करने लगी। देवी इन्द्राणी ने वीरावती को करवा चौथ के व्रत के साथ-साथ पूरे साल में आने वाली हर माह की चौथ को व्रत करने की सलाह दी। साथ ही देवी ने उसे आश्वासित किया कि ऐसा करने से उसका पति जीवित लौट आएगा। इसके बाद वीरावती ने हर चौथ का विधि विधान से व्रत रखा जिससे वीरावती को उसका पति पुनः प्राप्त हो गया। 

Karwa Chauth Vrat Katha PDF Download 

करवा चौथ की पूजा विधि के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें।

करवा चौथ की पूजा का मुहूर्त शहर अनुसार जानने के लिए यहां क्लिक करें।

Live updates :Karwa Chauth Vrat Katha LIVE: करवा चौथ पर जरूर पढ़ें वीरावती और सात भाइयों की कथा

Auto Refresh
Refresh
  • 7:41 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    करवा चौथ पूजा का समय 2026

    पंचांग के अनुसार, करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:38 PM से 06:56 PM तक रहेगा। यह समय नई दिल्ली के मानक समय के अनुसार है। हालांकि देश के अन्य शहरों में स्थानीय पंचांग और देशांतर के अंतर के कारण पूजा के समय में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।   

    • नई दिल्ली में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त - 05:38 PM से 06:56 PM
    • नोएडा में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त - 05:38 PM से 06:55 PM
    • मुंबई में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त - 06:07 PM से 07:22 PM
    • पुणे में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त - 06:03 PM से 07:18 PM
    • पटना में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त - 05:10 PM से 06:27 PM
    • वाराणसी में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त - 05:19 PM से 06:36 PM
    • गोरखपुर में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त - 05:16 PM से 06:33 PM
    • रांची में करवा चौथ पूजा का मुहूर्त - 05:12 PM से 06:28 PM
  • 6:56 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Ganesh Ji Ki Katha: करवा चौथ के दिन जरूर पढ़ें गणेश जी की कथा

    गणेश जी की कथा अनुसार, प्राचीन काल में एक अंधी बुढ़िया माई रहा करती थी जो प्रतिदिन गणेश जी की पूजा किया करती थी। उसका एक ही पुत्र था जिसका उसने विवाह कर दिया था।बुढ़िया का परिवार बहुत गरीबी में जीवन यापन कर रहा था। एक दिन बुढ़िया की भक्ति देखकर गणेश जी प्रसन्न हुए और उन्होंने उससे कोई वर मांगने के लिए कहा। बुढिया ने कहा कि मुझे मांगना नहीं आता तो कैसे और क्या मांगू मुझे समझ नहीं आ रहा। इस पर गणेश जी बोले बहू- बेटे से पूछकर मांग लो। तब बुढ़िया अपने पुत्र और वधु के पास गई तो बेटे ने अपनी मां से धन मांगने के लिए कहा और बहू ने पोता मांगने के लिए कहा।

    तब बुढ़िया ने सोचा कि ये दोनों तो अपने-अपने मतलब की बातें कर रहे हैं। फिर बुढ़िया ने अपने पड़ोसियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि बुढ़िया तेरी अब थोड़ी सी जिंदगी बची है। तो तू क्यूं मांगे धन और पोता, तू तो केवल अपने नेत्र मांग ले जिससे तेजी बची हुई जिंदगी सुख से व्यतीत हो। बुढ़िया सभी की बातें सुनकर सोचने लगी कि क्यों न ऐसी चीज मांग लूं जिससे सभी का भला हो जाए। अगले दिन श्री गणेश जी फिर उनके घर पधारे तब बुढ़िया बोली, हे गणराज! यदि आप मुझसे प्रसन्न हैं तो मुझे नौ करोड़ की माया दें, निरोगी काया दें, अमर सुहाग दें, आंखों में प्रकाश दें, नाती पोते दें और समस्त परिवार को सुख दें। फिर अंत में मोक्ष दें।

    इस पर गणेश जी बोले बुढ़िया माई तूने तो मुझे ठग लिया। पर जो कुछ तूने मांगा है मैं तुझे अवश्य दूंगा। गणेश जी की कृपा से बुढ़िया माई को सभी सुखों की प्राप्ति हुई। हे गणेश भगवान! जैसे बुढिया माई को आपने सब कुछ दिया वैसे ही सबको देना।

  • 6:48 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Karwa Chauth Vrat Katha Timing: करवा चौथ की कथा कब पढ़नी चाहिए?

    करवा चौथ की कथा शाम में प्रदोष काल में पढ़नी चाहिए। इस साल कथा पढ़ने का समय शाम शाम 05:38 से शुरू होकर शाम 06:56 बजे तक रहेगा। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।