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खराब केतु के 7 संकेत, बेचैनी से लेकर अचानक धन हानि तक, नजरअंदाज न करें ये लक्षण

 Written By: Arti Azad
 Published : Aug 08, 2026 04:03 pm IST,  Updated : Aug 08, 2026 04:03 pm IST

ज्योतिष शास्त्र में केतु को छाया ग्रह माना गया है। मान्यता है कि कुंडली में केतु की स्थिति कमजोर या अशुभ होने पर व्यक्ति के जीवन में भ्रम, मानसिक अशांति और अनिश्चितता बढ़ सकती है। जानिए खराब केतु से जुड़े 7 प्रमुख संकेत।

ketu grah, अशुभ केतु के प्रमुख लक्षण- India TV Hindi
अशुभ केतु के प्रमुख लक्षण Image Source : PINTEREST

कई बार जिंदगी में सब कुछ सामान्य होने के बावजूद मन बेचैन रहने लगता है। किसी काम में ध्यान नहीं लगता या बिना वजह डर और उलझन महसूस होने लगती है। लोग इन चीजों को तनाव या परिस्थितियों से जोड़कर देखते हैं। लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में ऐसी स्थितियों को ग्रहों के प्रभाव से भी जोड़ा जाता है। खासतौर पर केतु की अशुभ स्थिति का संबंध मानसिक अस्थिरता, भ्रम और अनिश्चितता से माना जाता है। जानें खराब केतु के 7 संकेत।

अशुभ केतु के प्रमुख लक्षण

  1. अचानक खर्च बढ़ना: अगर बिना किसी कारण खर्च लगातार बढ़ने लगे और बचत करना मुश्किल हो जाए, तो इसे केतु के नकारात्मक प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है। आर्थिक मामले में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
  2. चोट या दुर्घटना: बार-बार चोट लगना या दुर्घटनाओं होना भी खराब केतु के संकेतों में गिना जाता है। हालांकि, ऐसी घटनाओं के पीछे कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं।
  3. मन में भ्रम: केतु को आध्यात्मिकता से जुड़ा ग्रह माना जाता है। लेकिन इसकी अशुभ स्थिति व्यक्ति के मन में सही-गलत को लेकर असमंजस और निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति बना सकती है।
  4. बेचैनी और तनाव: बिना स्पष्ट कारण चिंता, मन का अशांत रहना और किसी फैसले पर पहुंचने में परेशानी होना भी इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। नींद का बार-बार टूटना या डरावने सपने भी परेशान कर सकते हैं।
  5. अनजाना डर: अशुभ केतु व्यक्ति के लिए घबराहट की स्थिति पैदा कर सकता है। किसी स्पष्ट वजह के बिना डर या आशंका महसूस होना और छोटी-छोटी बातों को लेकर भ्रमित रहना भी केतु के प्रभाव से जोड़ा जाता है।
  6. अकेलापन महसूस होना: लोगों के बीच रहने के बावजूद खुद को अलग-थलग महसूस करना और सामाजिक रूप से दूरी बनाने की इच्छा होना भी खराब केतु का एक संकेत माना जाता है।
  7. एकाग्रता में कमी: ज्योतिष मान्यता के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति का केतु खराब हो तो इसका असर शिक्षा और करियर पर भी पड़ता है। पढ़ाई, नौकरी या रोजमर्रा के काम में ध्यान न लगना और बार-बार विचारों का भटकना भी केतु से जुड़े लक्षण हैं।

लंबे समय तक न करें इग्नोर

ज्योतिष अनुसार केतु का प्रभाव हर व्यक्ति की कुंडली में अलग हो सकता है। वहीं बेचैनी, अनिद्रा या तनाव के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो उन्हें नजर अंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना चाहिए।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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