Krishna Janmashtami 2026 Puja Muhurat: पंचांग अनुसार जन्माष्टमी की तिथि की शुरुआत 4 सितंबर को 02:25 AM से हो चुकी है और इसकी समाप्ति देर रात 12:13 बजे होगी। जबकि रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर को 12:29 AM से शुरू होकर रात 11:04 बजे तक रहेगा। वहीं जन्माष्टमी पर बाल गोपाल की पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनट से शुरू होकर देर रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि का क्षण 12:20 का है। इस दिन चंद्रोदय समय रात 11:29 बजे का है। चलिए अब जानते हैं जन्माष्टमी पूजा के शहर अनुसार शुभ मुहूर्त क्या रहने वाले हैं।
जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त 2026 (Krishna Janmashtami 2026 Puja Muhurat)
- नोएडा - 11:57 PM से 12:42 AM, सितम्बर 05
- नई दिल्ली - 11:57 PM से 12:43 AM, सितम्बर 05
- चेन्नई - 11:45 PM से 12:31 AM, सितम्बर 05
- जयपुर - 12:03 ए एम से 12:49 AM, सितम्बर 05
- पुणे - 12:10 ए एम से 12:57 AM, सितम्बर 05
- हैदराबाद - 11:52 PM से 12:38 AM, सितम्बर 05
- गुरुग्राम - 11:58 PM से 12:44 AM, सितम्बर 05
- चण्डीगढ़ - 11:59 PM से 12:45 AM, सितम्बर 05
- कोलकाता - 11:13 PM से 11:59 PM
- मुम्बई - 12:14 AM से 01:01 AM, सितम्बर 05
- बेंगलूरु - 11:55 PM से 12:42 AM, सितम्बर 05
- अहमदाबाद - 12:16 AM से 01:02 AM, सितम्बर 05
- जम्मू - 12:07 AM से 12:52 AM, सितम्बर 05
- मथुरा-वृंदावन - 11:56 PM से 12:41 AM, सितम्बर 05
जन्माष्टमी व्रत पारण समय 2026
धर्म शास्त्र के अनुसार जन्माष्टमी का पारण समय 5 सितंबर 2026 की सुबह 06:08 के बाद का है। वहीं वर्तमान में समाज में प्रचलित पारण समय 4 सितंबर की देर रात 12:52 बजे के बाद का है।
जन्माष्टमी पूजा विधि 2026
जन्माष्टमी की रात में शुभ मुहूर्त में भगवान कृष्ण का पंचामृत से अभिषेक करें। फिर उन्हें साफ जल से स्नान कराएं। इसके बाद भगवान को सुंदर वस्त्र पहनाएं। उन्हें मोरपंख जरूर अर्पित करें। फिर विधि विधान पूजा करें। भगवान को तिलक लगाएं। उन्हें माखन मिश्री का भोग अर्पित करें। भगवान के मंत्रों और चालीसा का जाप करें। फिर भगवान की आरती उतारें। इसके बाद पूजा में हुई भूल-चूक की क्षमा मांगें।
यह भी पढ़ें: