भाद्रपद अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहा जाता है जोकि साल 2026 में 11 सितंबर को है। इस दिन सालभर के शुभ कार्यों के लिए कुशा ग्रहण की जाती है इसलिए कुशाग्रहणी अमावस्या इसे कहा जाता है। इस दिन कुछ खास उपाय आपको जीवन में शुभ परिणाम भी दिला सकते हैं। इन उपायों को करने से पितरों की कृपा भी आप प्राप्त करते हैं और साथ ही आपको आर्थिक और करियर के क्षेत्र में भी उपलब्धि मिल सकती है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
पितृ दोष मुक्ति और पितृ कृपा के लिए उपाय
पितरों का आशीर्वाद पाने और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए कुशाग्रहणी अमावस्या पर गोबर का कंडा जलाकर उस पर पितरों के निमित्त खीर-पूड़ी के प्रसाद का भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद कंडे के पास, अपने से दाहिनी तरफ दोनों हाथों से थोड़ा सा जल छोड़ दें। इसके बाद बचे हुए प्रसाद में से थोड़ा-सा हिस्सा गाय को खिलाएं और बाकी प्रसाद घर के सभी सदस्यों में बांट दें। ऐसा करने से पितरों के आशीर्वाद से आपके सारे काम बनेंगे।
कारोबार में आ रही बाधा को दूर करने के लिए उपाय
अगर आपके बिजनेस में कुछ दिनों से एक के बाद एक परेशानियां आ रही हैं और आप तनाव में फंसते जा रहे हैं, तो आज किसी योग्य ब्राह्मण को घर पर आदर सहित बुलाकर भोजन कराएं। भोजन कराने के बाद उन्हें दक्षिणा स्वरूप 'कुश का आसन' भेंट करें। ऐसा करने से व्यापार में आ रही रुकावटों और परेशानियों से जल्द मुक्ति मिलेगी।
धन संबंधी समस्याओं के लिए उपाय
अगर आप पैसों की तंगी या धन संबंधी किसी समस्या से परेशान हैं, तो उससे छुटकारा पाने के लिए कुशाग्रहणी अमावस्या पर गुंथे हुए आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर किसी तालाब में मछलियों को खाने के लिए डालें। इसके साथ ही अपने पितरों के निमित्त किसी धर्मस्थल या मंदिर में कुछ-न-कुछ दान अवश्य करें। ऐसा करने से आपकी आर्थिक परेशानियां दूर होंगी। इस उपाय को करने से पितृ भी प्रसन्न होंगे।
मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए उपाय
अगर आप समाज में अपना मान-सम्मान बढ़ाना चाहते हैं और मानसिक रूप से मजबूत बनना चाहते हैं, तो कुशाग्रहणी अमावस्या पर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दूध का पैकेट दान करें। साथ ही अपने पितरों का ध्यान करके उन्हें प्रणाम करें और आशीर्वाद लें। ऐसा करने से समाज में आपका पद-प्रभाव और सम्मान बढ़ेगा।
पारिवारिक कलह और रिश्तों में मधुरता के लिए
अगर आपके घर में हमेशा रिश्तों के बीच खींचतान बनी रहती है और सदस्य एक-दूसरे से कटे-कटे रहते हैं, तो कुशाग्रहणी अमावस्या पर थोड़े से दूध में एक चुटकी शक्कर मिलाएं। इसे किसी कुएं में या घर के बाहर कच्ची मिट्टी पर अर्पित कर दें। यह उपाय करने से पारिवारिक मतभेद खत्म होंगे और घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली वापस लाने के लिए:
अगर आपके परिवार की खुशियां अचानक गायब हो गई हैं, तो कुशाग्रहणी अमावस्या पर अपने बाएं हाथ में चावल के दाने (अक्षत) लें। सूर्यदेव की ओर देखते हुए अपने दाएं हाथ से बाएं हाथ पर नीचे की तरफ जल गिराएं और जल गिराते समय मन ही मन गायत्री मंत्र का उच्चारण करें। ऐसा करने से आपके परिवार में पुनः सुख-समृद्धि और खुशियों का आगमन होगा।
पीठ पीछे बुराई करने वालों से बचाव के लिए
अगर आप अपनी पीठ पीछे बुराई करने वाले लोगों या शत्रुओं से बचना चाहते हैं, तो कुशाग्रहणी अमावस्या पर अमावस्या के दिन सरसों के तेल से चुपड़ी हुई दो रोटियां लें। इन्हें अपने सिर के ऊपर से सात (7) बार वारें (उतारें) और फिर काले कुत्ते को खाने के लिए डाल दें। यह उपाय करने से बुराई करने वाले लोग अपने आप आपसे दूर हो जाएंगे।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
ये भी पढ़ें:
11 सितंबर को मंगल की चतुर्थ दृष्टि से पीड़ित होंगे चंद्रमा, जल तत्व की 3 राशियों को रहना होगा सावधान