Laxmi Mantra: हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी को धन, सौभाग्य, समृद्धि और वैभव की देवी माना जाता है। कहते हैं व्यक्ति अपने जीवन में तमाम सुख-सुविधाएं मां लक्ष्मी की कृपा से ही पाता है। इसी कारण से लोग धन की देवी को प्रसन्न करने के लिए तमाम उपाय करते हैं। कोई शुक्रवार के व्रत रखता है तो कोई माता के मंत्रों और चालीसा का पाठ करता है। लेकिन धर्म शास्त्रों में धन की देवी की कृपा पाने का एक सरल उपाय बताया गया है। वो उपाय है माता के 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप। कहते हैं माता के इस मंत्र का सच्चे मन से जाप करने से धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
माता लक्ष्मी का शक्तिशाली मंत्र
'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र मां लक्ष्मी का बीज मंत्र कहलाता है। कहते हैं इसका जाप करने से आस-पास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। जिस तरह से एक छोटे से बीज में एक पड़ा वृक्ष बनाने की क्षमता विद्यमान होती है, ठीक वैसे ही बीज मंत्र में भी अपार ऊर्जा समाहित होती है।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का अर्थ
इस मंत्र का अर्थ- हे महालक्ष्मी, हम आपको नमन करते हैं और आपसे समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
इस मंत्र में मौजूद हर एक शब्द का अपना खास महत्व माना गया है। जो इस प्रकार है...
- ॐ - ॐ सभी मंत्रों का मूल है और परमात्मा की शक्ति का प्रतीक है, जो तीन अक्षरों अ, उ, म से मिलकर बना है। कहते हैं ॐ के उच्चारण मात्र से ही वातावरण पवित्र हो जाता है।
- श्रीं - श्रीं को लक्ष्मी बीज कहा जाता है, जो बेहद शक्तिशाली बीज मंत्र है। ये समृद्धि, वैभव और शुभता को आकर्षित करता है।
- महालक्ष्म्यै - महालक्ष्मी का अर्थ है - सभी ऐश्वर्यों से युक्त देवी। जिसमें महा का अर्थ है महान और लक्ष्मी का अर्थ है धन-समृद्धि।
- नम: - यह शब्द समर्पण और विनम्रता के भाव को व्यक्त करता है। इस शब्द के उच्चारण से साधक अपने अहंकार को त्यागकर देवी के चरणों में अपने आप को समर्पित करता है।
धन को आकर्षित करने वाला मंत्र
धार्मिक मान्यताओं अनुसार ये मंत्र धन को आकर्षित करता है। जिस प्रकार एक चुंबक लोहे को आकर्षित करता है, ठीक वैसे ही इस मंत्र के नियमित जप से साधक के चारों तरफ एक ऐसी चुंबकीय ऊर्जा बन जाती है जो धन को आकर्षित करने लगती है। यह मंत्र धन में वृद्धि ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक समृद्धि भी प्रदान करता है। इसके जाप से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सभी की प्राप्ति होती है। ये मंत्र साधक के आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।
मंत्र जाप की सही विधि
- वैसे तो इस मंत्र का जाप आप प्रतिदिन कर सकते हैं, लेकिन शुक्रवार का दिन इसके जाप के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इसके अलावा दीपावली, धनतेरस, पूर्णिमा, अमावस्या और अक्षय तृतीया कुछ ऐसे विशेष त्योहार हैं जिस दिन इस मंत्र का जाप बेहद फलदायी साबित होता है।
- इस मंत्र का जाप उत्तर या पूर्व दिशा में बैठकर करना चाहिए।
- मंत्र जाप के लिए कमलगट्टा और स्फटिक की माला सबसे शुभ मानी गई है।
- इस मंत्र की प्रतिदिन कम से कम 1 माला जाप तो जरूर ही करनी चाहिए।
- जाप अगर लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनकर करेंगे तो ये सर्वाधिक शुभ रहेगा।
- जाप से पहले मां लक्ष्मी की विधि विधान पूजा जरूर करें।
- उन्हें खीर या मिठाई का भोग लगाएं।
- मंत्र जाप करने के बाद माता लक्ष्मी की आरती भी जरूर करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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