1. Hindi News
  2. धर्म
  3. मंगल रेखा क्या होती है? जानें हथेली में इसकी स्थिति और निशान से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत

मंगल रेखा क्या होती है? जानें हथेली में इसकी स्थिति और निशान से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत

 Written By: Arti Azad
 Published : Sep 19, 2026 07:43 am IST,  Updated : Sep 19, 2026 07:43 am IST

हथेली पर मौजूद मंगल रेखा को लेकर हस्तरेखा शास्त्र में कई मान्यताएं हैं। मंगल रेखा को जीवन रेखा की सहायक रेखा माना गया है। हथेली पर इसकी स्थिति, स्पष्टता और अलग-अलग निशानों के आधार पर व्यक्ति के जीवन से जुड़े कुछ संकेत बताए गए हैं।

mangal reha, Mars Line, मंगल रेखा क्या होती है- India TV Hindi
मंगल रेखा क्या होती है Image Source : PINTEREST

हथेली की रेखाओं को लेकर हस्तरेखा शास्त्र में कई तरह की मान्यताएं हैं। जीवन रेखा, हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के अलावा कुछ सहायक रेखाओं का भी विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में मंगल रेखा शामिल है। इसकी बनावट और इस पर बने अलग-अलग निशानों से जुड़े कुछ संकेत हस्तरेखा शास्त्र में बताए गए हैं। तो चलिए जानते हैं हथेली में मंगल रेखा (Mars Line) की स्थिति और निशान से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत। 

मंगल रेखा क्या होती है?

मंगल रेखा जीवन रेखा की सहायक रेखा है। यह आमतौर पर जीवन रेखा के अंदर की ओर और उसके समानांतर दिखाई देती है। मान्यता है कि यह रेखा व्यक्ति की ऊर्जा, साहस, स्वास्थ्य और मुश्किल परिस्थितियों से मुकाबला करने की क्षमता से जुड़ी होती है। यह रेखा हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। यहां आप जान सकते हैं कि जानें हाथ की गहराई से क्या संकेत देती है। 

जीवन रेखा को देती है सहारा

मंगल रेखा का संबंध मुख्य रूप से स्वास्थ्य और आत्म-सुरक्षा से बताया है। हस्तरेखा शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, कठिन समय में यह जीवन रेखा को सहारा देने वाली रेखा मानी जाती है। ऐसे में अगर लाइफ लाइन कमजोर दिखाई दे, लेकिन उसके साथ मंगल रेखा स्पष्ट हो, तो इसे अपेक्षाकृत सकारात्मक संकेत माना जाता है।

गहरी मंगल रेखा: अगर मंगल रेखा हथेली पर गहरी, स्पष्ट और बिना रुकावट के दिखाई दे, तो इसे अच्छी ऊर्जा और जीवन शक्ति का संकेत माना जाता है। ऐसी रेखा को साहस और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता से जोड़ा जाता है। वहीं, अगर यह जीवन रेखा के साथ लंबे समय तक समानांतर बनी रहे, तो हस्तरेखा शास्त्र में इसे जीवन रेखा के मजबूत सहारे के तौर पर देखा जाता है।

द्वीप का निशान: मंगल रेखा पर द्वीप यानी छोटा अंडाकार या टापू जैसा निशान दिखाई दे, तो इसे स्वास्थ्य और जीवन में उतार-चढ़ाव से जोड़कर देखा जाता है। अगर यह निशान रेखा के बड़े हिस्से में बना हो, तो यह लंबे संघर्ष या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की ओर संकेत कर सकता है।

टूटी या लहरदार रेखा: अगर मंगल रेखा बीच-बीच में टूटती हो, उसमें कई रुकावटें हों या इसका आकार लहरदार हो, तो इसे ऊर्जा में अस्थिरता और जीवन की बाधाओं से जोड़ा जाता है। वहीं, टूटने के बाद यदि रेखा फिर से स्पष्ट और मजबूत हो जाए, तो इसे मुश्किल दौर के बाद परिस्थितियों के संभलने का संकेत माना जाता है।

क्रॉस और दूसरे निशान: मंगल रेखा पर क्रॉस, दाग या दूसरी रेखाओं का जाल बनने को भी अलग-अलग अर्थों से जोड़ा गया है। ऐसे निशानों को तनाव, संकट या स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का संकेत माना जाता है। वहीं, स्पष्ट और मजबूत मंगल रेखा इन प्रभावों को कम करने वाली मानी जाती है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: एंजेल नंबर्स क्या है, बार-बार इनके दिखने के पीछे क्या है आध्यात्मिक संकेत? जानें मतलब

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।