Mantra Jap: हिंदू धर्म में मंत्रों के जप का बड़ा महत्व है। मंत्रों के जप से उत्पन्न होने वाली तरंगें हमारे तन, मन और मस्तिष्क को ऊर्जा प्रदान करती हैं। इसके साथ ही मंत्रों के जप से मनोकामनाओं की पूर्ति भी होती है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ मंत्रों के बारे में आपको बताएंगे जिनका जप करने से आप भी मनोवांछित फल पा सकते हैं। सात ही हम आपको बताएंगे मंत्र जप करने की सही विधि।
पारिवारिक सुख और विघ्न-बाधाओं से मुक्ति के लिए मंत्र
अगर आप जीवन की सभी विघ्न-बाधाओं से मुक्ति पाना चाहते हैं तो गणेश जी के मंत्र- 'ॐ गं गणपते नम:' का आपको जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करना आपके पारिवारिक जीवन को भी सुधारता है।
सुख-समृद्धि के लिए मंत्र
'ॐ नमो नारायण। या श्रीमन नारायण नारायण हरि-हरि' जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए आपको भगवान विष्णु के इस मंत्र का जप करना चाहिए। यह मंत्र आपको मानसिक शांति और बौद्धिक बल देने वाला भी माना जाता है।
भय-रोग से मुक्ति और आध्यात्मिक चेतना के लिए मंत्र
अगर आप अध्यात्म के पथ पर अग्रसर होना चाहते हैं और भय-रोग से मुक्ति पाना चाहते हैं तो आपको भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए।
महामृत्युंजय मंत्र- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धानान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
चिंताओं से मुक्ति और ज्ञान प्राप्ति के लिए मंत्र
भगवान शिव के मंत्र 'ॐ नम: शिवाय' का अगर आप जप करते हैं तो आपको चिंताओं से मुक्ति मिलती है और साथ ही विवेक और ज्ञान में वृद्धि होती है। इस मंत्र का निरंतर जप करने से आपकी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।
मानसिक शांति और व्यक्तित्व विकास के लिए मंत्र
अगर आप मानसिक शांति चाहते हैं या व्यक्तित्व का विकास करना चाहते हैं तो आपको गायत्री मंत्र का जप करना चाहिए। यह मंत्र आपके जीवन की दुविधाओं को दूर करने वाला भी माना जाता है। जो लोग इस मंत्र का प्रतिदिन जप करते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
गायत्री मंत्र- ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
मंत्र जप की विधि
मंत्र जप का लाभ आपको तभी मिलता है जब आप सही विधि अपनाएं।
- मंत्र जप करने के लिए आपको प्रतिदिन एक ही समय निश्चित करना चाहिए।
- जिस जगह आप मंत्र जप करने वाले हैं वहां कोई भी व्यक्ति तब तक न आए जब तक आप जप कर रहे हैं।
- मंत्र जप करते समय आपको आंखों को बंद रखना चाहिए।
- मंत्र का जप कम से कम 11 बार आपको अवश्य करना चाहिए। अगर संभव हो तो 108 या फिर 1008 बार भी आप मंत्र जप कर सकते हैं।
- अगर किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए मंत्र जप कर रहे हैं तो उसके बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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