माता कालरात्रि को शुभंकरी भी कहा जाता है क्योंकि माता की आराधना से भक्तों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के सातवें दिन देवी दुर्गा के इस रूप की पूजा की जाती है। साल 2026 में माता कालरात्रि की पूजा 17 अक्टूबर को की जाएगी। इस दिन आप व्रत और पूजन के साथ ही माता के मंत्रों का जप भी कर सकते हैं। माता कालरात्रि के मंत्रों का जप करने से भक्त भय मुक्त होते हैं और साथ ही रोग-दोष से भी मुक्ति मिल सकती है। आइए जान लेते हैं माता कालरात्रि के मंत्रों के बारे में।
माता कालरात्रि का बीज मंत्र
'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः'
ऊपर दिए गए मंत्र को माता कालरात्रि का बीज मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र का जप करने से माता की कृपा भक्तों पर बरसती है। नवरात्रि के सातवें दिन जो भी भक्त इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करते हैं उनकी मनोकामनाओं को माता पूरा कर सकती हैं। आप इस मंत्र का जप 11, 51 या 108 बार कर सकते हैं।
मां कालरात्रि ध्यान मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥
माता कालरात्रि के ध्यान मंत्र का जप करने से अशांति, अज्ञान और रोग-दोष से भक्तों को मुक्ति मिलती है। यह मंत्र भक्तों को ज्ञान के मार्ग पर ले जाने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग इस मंत्र का जप निरंतर करते हैं उनकी बड़ी से बड़ी बीमारी दूर हो सकती है।
माता कालरात्रि का स्तोत्र मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
माता कालरात्रि का स्तोत्र मंत्र जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से भक्तों को आत्मिक और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही इस मंत्र का जप करने वाले के घर परिवार में भी खुशियां आती हैं।
मां कालरात्रि का कवच मंत्र
ॐ कालरात्रि महाकाली, कपालि करालिनी।
धर्म पाप नाशिन्यै, रक्षं देहि सदा शिवे॥
माता के कवच मंत्र का जप बेहद शुभ फलदायी माना गया है। इस मंत्र का जप करने से व्यक्ति को निरोगी काया प्राप्त होती है और साथ ही ज्ञान में भी वृद्धि होती है। नवरात्रि के सातवें दिन इस मंत्र का जप करके आप माता की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
माता कालरात्रि का नवार्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै
माता कालरात्रि के नवार्ण मंत्र का जप करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। इस मंत्र का जप आप नवरात्रि के सातवें दिन कर सकते हैं। अगर आप माता दुर्गा के नौ स्वरूप और नौ देवियों से संबंधित चक्रों के बारे में जानना चाहते हैं तो इस बारे में हमारी वेबसाइट पर विस्तार से लेख पढ़ सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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